चिकित्सा के क्षेत्र में पूर्व नरेश की एक और सौगात

जोधपुर। पूर्व नरेश गजसिंह ने इंडियन हैड इंजरी फाउंडेशन के तत्वाधान में सरदारपुरा तीसरी बी रोड़ सेवा कुंज रानीजी मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक युवराज शिवराज सिंह न्यूरो रिहैब सेंटर की शुरूआत की है।
गजसिंह के निजी सचिव जगतसिंह राठौड़ ने बताया कि पूर्व नरेश गजसिंह ने इस न्यूरो रिहैब सेंटर का शुभारंभ कर जोधपुरवासियों को तोहफा दिया है। इस न्यूरो रिहैब सेंटर में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनें अत्याधुनिक हैं। न्यूरो रिहैब सेंटर में अनुभवी डॉक्टरों द्वारा सिर तथा रीढ़ की हड्डी की चोट स्ट्रोक कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्लीप डिस्क, सर्वाइकल पेन, घुटना दर्द, फ्रैक्चर के बाद की थैरेपी, लकवा, सेरेब्रल पाल्सी जैसी बीमारियों का उपचार बेहतर तरीके से हो सकेगा। उन्होंने बताया कि न्यूरो के मरीजों के लिए यह सेंटर एक वरदान साबित होगा। उन्होंने बताया कि महाराजा गजसिंह के सार्थक प्रयासों से सेंटर पर जरूरतमंदों को कीमत पर सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने बताया कि युवराज शिवराज सिंह न्यूरो रिहैब सेंटर पर वरिष्ठ व अनुभवी फीजियोथैरेपी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पुखराज सिंह राजपुरोहित, डॉ. चारू खत्री, डॉ. उम्मेदसिंह देवड़ा व डॉ. सुरभि व्यास की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
बता दे कि इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन के अध्यक्ष गजसिंह ने 2007 द्वारा इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन की स्थापना सिर व रीढ़ की हड्डी की चोट से पीडि़त लोगों के व्यापक पुनर्वास के लिए की। 2005 में युवराज शिवराज सिंह के पोलो खेलते हुए घोड़े से गिरने पर सिर में गंभीर चोट आई थी। इसको देखते हुए इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन ने जरूरतमंदों की मदद करने व इस तरह की दुर्घटनाओं में सिर व रीढ़ की हड्डी की चोटों को रोकने व ऐसी चोटों से पीडि़त लोगों के व्यापक पुनर्वास प्रदान करने के उद्देश्य से की गई। न्यूरो रिहेब सेंटर के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता व राहत प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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