आईसीईडी एवं आफरी मिलकर करेंगे कार्य
जोधपुर। पर्यावरण ऑडिट एवं सतत विकास के लिए अंतराष्ट्रीय संस्थान (आईसीईडी) एवं शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) जोधपुर मिलकर वन एवं पर्यावरण से सम्बन्धित क्षेत्रों मे मिलकर कार्य करेंगे। इस सम्बन्ध में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
आफरी निदेशक एमआर बालोच ने बताया कि हर वानिकी/पर्यावरणीय कार्यो की ऑडिट जरूरी है क्योकि इसी से पारदर्शिता एवं गुणवता आती है तथा वैज्ञानिक ऑडिट हेतु विभिन्न पहलुओं पर तकनीकी जानकारी जरूरी है। बालोच ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आफरी एवं उनके क्षेत्राधिकार तथा कार्यप्रणाली को समझाया। आफरी के समूह समन्वयक (शोध) डॉ. जी. सिंह ने आफरी की शोध परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
आईसीईडी के महानिदेशक मनीष कुमार ने अपने संस्थान का परिचय देते हुए बताया कि आफरी के साथ मिलकर वन जैव विविधता संरक्षण, इकोसिस्टम, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव आदि विषयों पर व्यावहारिक शोध कार्यक्रम पर सहयोग करेगे। साथ ही विभिन्न सम्मेलनों कान्फ्रेस आदि के साथ आईसीईडी के विभिन्न प्रशिक्षणार्थिया को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। मनीष कुमार ने आफरी के कार्यो की प्रंशसा करते हुए आशा व्यक्त की कि दोनो संस्थान मिलकर एक उत्कृष्ट कार्ययोजना को मूर्त रूप देगे। कार्यक्रम में आईसीईडी के निदेशक दीनदयाल वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम मे आईसीईडी के अनिल बेनिवाल, विनोद तंवर तथा आफरी की डॉ. संगीता सिंह एंव अनिता भाव से भी उपस्थित थे।