एयर शो में भारतीय वायुसेना के विमानों ने दिखाए हवाई करतब

जोधपुर। 94वें वायुसेना दिवस के मौके पर गुरुवार को जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एयर शो के दौरान आसमान तीन रंगों से रंगा नजर आया, जब भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) ने एयरबेस पर शानदार प्रदर्शन किया। इनके साथ हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम सारंग भी मौजूद थी। करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए सूर्यकिरण के विमानों ने केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएं से तिरंगा फॉर्मेशन बनाई। विमानों ने आसमान में डीएनए फॉर्मेशन और हार्ट शेप (दिल की आकृति) भी उकेरी। इन विमानों ने वर्टिकल क्लाइंब, इन्वर्टेड क्रॉसओवर बैरल रोल जैसी कई फॉर्मेशन बनाकर लोगों का ध्यान खींचा। पायलटों के इस बेजोड़ कौशल, व्यावसायिकता और अद्वितीय क्षमताओं को देखकर वहां मौजूद दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर चल रही एयर एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026 के दौरान गुरुवार को एसकेएटी टीम ने सटीक उड़ान का बेहतरीन प्रदर्शन किया। एसकेएटी के साथ-साथ सुखोई-30 एमकेआई और स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड ने भी इस एयर शो के दौरान अपनी कलाबाजियां दिखाईं। इस अद्भुत नजारे के साक्षी वायु सेना, थल सेना और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, शहर के गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और आम लोग बने। शो में सुखोई और तेजस की लो लेवल फ्लाइंग ने लोगों को बेहद रोमांचित किया। इसके अलावा एनसीसी कैडेट्स और छात्रों को भारतीय वायु सेना के तेजस, सुखोई, राफेल के साथ-साथ अन्य देशों से आए फाइटर प्लेन्स को भी डिस्प्ले में देखने का मौका मिला। एयर फोर्स स्टेशन पर सीमित संख्या में ही लोगों को प्रवेश दिया गया था, जिसके चलते आस-पास के रहने वाले लोगों ने अपने घरों की छतों से ही आसमान में इस शानदार शो का आनंद लिया। जोधपुर में चल रहे ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास में शामिल भारत समेत अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और जर्मनी की एयरफोर्स के जवान भी एयर शो देखने पहुंचे।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) के इस 25 मिनट के शो को दो भागों में प्रदर्शित किया गया। पहले भाग में 9 विमानों के साथ अलग-अलग फॉर्मेशन बनाए गए और युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया गया। टीम ने तिरंगा, डायमंड, मेजर, तेजस और वाई फॉर्मेशन के जरिए अपनी उड़ान की अचूक सटीकता दिखाई। दूसरे भाग में रोमांच को और बढ़ाने के लिए यह एरोबैटिक टीम छोटी-छोटी यूनिट्स में बंट गई और जमीन के करीब आकर बेहद साहसिक स्टंट किए। इन स्टंट्स के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया गया कि एक आधुनिक लड़ाकू विमान क्या-क्या करने में सक्षम है।
2003 में हुआ था सारंग टीम का गठन
भारतीय वायु सेना की सारंग डिस्प्ले टीम के कमांडिंग अधिकारी और टीम लीडर अभिजीत ने कहा, हम खुद को भारतीय वायु सेना का ब्रांड एंबेसडर मानते हैं। हम भारत और दुनिया भर में प्रदर्शन करके भारतीय वायु सेना की व्यावसायिकता तथा विमानन उद्योग में भारत की प्रगति को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने बताया कि इस टीम का गठन साल 2003 में किया गया था, जब स्वदेशी रूप से निर्मित एएलएच हेलीकॉप्टरों को भारतीय वायु सेना में शामिल किया जा रहा था। इसके औपचारिक प्रवेश से पहले इन हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं को परखने के लिए एक मूल्यांकन उड़ान तैयार की गई थी। इसके बाद दुनिया के सामने इस हेलीकॉप्टर की अद्भुत क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए इस विशेष डिस्प्ले यूनिट का विचार सामने आया। यह टीम युवाओं को रक्षा बलों में करियर बनाने और देश सेवा के लिए जुडऩे के लिए भी प्रेरित करती है।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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