राजमाता कृष्णा कुमारी के शिक्षा बालिका के प्रति योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा – मोंटेक सिंह अहलूवालिया
राजमाता कृष्णा कुमारी शताब्दी स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ
“भारतीय इतिहास, समन्वय कारी संस्कृति एवं उपनिवेशवादी दृष्टि की आवश्यकता पर हुआ गहन विचार विमर्श
जोधपुर । राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल के बदन कँवर रंगशाला ऑडिटोरियम में राजमाता कृष्णा कुमारी शताब्दी स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ ।
प्राचार्या श्रीमती नीरा सिंह ने बताया कि व्याख्यानमाला का शुभारंभ महाराजा गज सिंह व महारानी हेमलता राज्ये द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया ।उन्होंने बताया कार्यक्रम में योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, देश के ख्याति प्राप्त विद्वान व चिंतक नजीब जंग व डॉ विक्रम संपत मुख्य वक्ता थे ।
योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष . मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने अपने संबोधन में इतिहास को वर्तमान भारत के सामाजिक व आर्थिक विकास से जोड़ते हुए ऐतिहासिक अनुभव संस्थाओं और सामाजिक आर्थिक प्रवर्तन को समग्र रूप से समझने की आवश्यकता पर बल दिया । उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल तथ्यों को जानने तक सीमित नहीं रह कर किसी भी विषय को उसके ऐतिहासिक, सामाजिक और समकालीन संदर्भ में समझने की आवश्यकता की ओर उन्मुख किया होना चाहिए ।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इतिहास केवल अतीत का अध्ययन नहीं बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य के प्रति दृष्टि विकसित करने का माध्यम है ।उन्होंने राजमाता कृष्णा कुमारी के और जीवन और उनके बालिका शिक्षा के प्रति योगदान का स्मरण करते हुए शिक्षा ,संस्कृति और समाज सेवा के मूल्य पर भी विशेष बल दिया ।
मुख्यवक्ता प्रसिद्ध चिंतक व विचारक डॉ नजीब जंग ने कहा कि भारत के इतिहास को सभ्यता समाज और संस्कृति और विचारों के निरंतर विकास के रूप में समझने की आवश्यकता है उन्होंने विभिन्न समुदायों परंपराओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भारत की विशिष्ट पहचान बताई ।उन्होंने कहा कि विद्यार्थीयों को इतिहास को रटने के बजाय तथ्यों को परखने ,प्रश्न करने और विभिन्न दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ।
मुख्य वक्ता डॉ विक्रम संपत ने इस अवसर पर भारतीय इतिहास को समझने में भारतीय स्रोतों परंपराओं साहित्य कला और सांस्कृतिक स्मृतियों के महत्व पर प्रकाश डाला ।उन्होंने इतिहास को बहुआयामी दृष्टि से देखने तथा प्रमाण और संदर्भों के आधार पर समझाने पर बल दिया ।व्याख्यान के दौरान इतिहास समाज धर्म संस्कृति तथा वर्तमान समय की चुनौतियों से जुड़े व्यापक एवं पर विचार विमर्श हुआ वक्ताओं ने विद्यार्थियों के तथ्यों को जन तक सीमित नहर कर किसी भी विषय को उसके ऐतिहासिक सामाजिक और समकालीन संदर्भ में समझने की आवश्यकता और उन्मुख किया ।
ओपन हाउस प्रश्नोत्तर सत्र
व्याख्यानमाला के दौरान ओपन हाउस प्रश्नोंत्तर सत्र विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से आकर्षण वाला रहा ।इस क्षेत्र में मोंटेक सिंह अहलूवालिया ,डॉ नजीब जंग , डॉ विक्रम संपत व विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने सहभागिता निभाई । विद्यार्थियों द्वारासिद्ध दोनों मुख्य वक्ताओं से सीधा संवाद किया गया व मुख्य वक्ताओं द्वाराकिए गए सवालों का जवाब दिया गया ।विद्यार्थियों में विषय विषयों को गहराई से समझने अलग-अलग दृष्टिकोण को जानने वह अपने प्रश्नों के माध्यम से चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई ।
प्राचार्या नीरा सिंह ने कहां की राजमाता कृष्णा कुमारी की शिक्षा ,संस्कृति और समाज सेवा के प्रति योगदान को याद करते हुए आयोजित कार्यक्रम में भावी पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने तथा ज्ञान और सामाजिक सरोकारों के प्रति अधिक सजग बनने की दिशा में प्रेरित किया है ।
प्रारंभ महाराजा गज सिंह जी,महारानी हेमलता राज्ये जी व अतिथियों ने राजमाता कृष्णा कुमारी जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व्याख्यान माला का शुभारंभ किया । महाराजा गज सिंह ज ने तीनों अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया । कार्यक्रम में मोंटेक सिंह अहलूवालिया का परिचय हेड गर्ल आदित्या सक्सेना ने, डॉक्टर नजीब जंग का परिचय सुभद्रा ने . व डॉक्टर विक्रम संपत का परिचय आरोही भट्टाचार्य ने दिया ।
माँ तुझे सलाम
मां तुझे सलाम कार्यक्रम में राजमाता कृष्णा कुमारी जी के संबंध में उनके विद्यालय से जुड़ाव व योगदान पर आधारित चित्रों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी गई ।पधारो म्हारे देश के माध्यम से भक्ति व राजस्थानी की गौरव गौरवशाली संस्कृति व विरासत की झलक प्रस्तुत की । गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की प्रसिद्ध रचना “वेयर इज द माइंड इज विदाउट फेयर “पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने समारोह को भावपूर्ण एवं प्रेरणादाई ग्रेड फिनाले प्रदान किया ।
इसअवसर पर ब्रिगेडियर शक्ति सिंह, राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु वीरेंद्र सिंह जैतावत ,शरद भंडारी,चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल,राजेंद्र गहलोत,मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत , उम्मेद भवन पैलेस के महाप्रबंधक मनु शर्मा ,मयूर चोपासनी स्कूल के प्राचार्य राजेश सोनी,हनवन्त सैनिक स्कूल के प्राचार्य कुंतल मजूमदार ,ऐश्वर्या कॉलेज के डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह राठौड़,विद्याश्रम स्कूल की प्राचार्य भारती स्वामी,हैप्पी ऑवर्स स्कूल की प्राचार्य माला खन्ना, बोधी इंटरनल की प्राचार्य राशि रस्तोगी, नीरजा मोदी स्कूल की प्राचार्य सीमा तुलगारिया, मधुलिका सिंह उपस्थित थी ।कार्यक्रम का संचालन छात्र अन्वी व स्नेहा ने किया ।वॉइस हेड गर्ल नव्या राठी ने आभार व्यक्त किया ।