भजन और साधना गुरु की आज्ञा व विवेक से करें: संत पांचाराम महाराज

सोजत सिटी । स्थानीय कृषि मंडी के सामने स्थित संत पांचाराम महाराज के आश्रम में रविवार शाम को एक भव्य सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रमुख रामस्नेही संत पांचाराम महाराज ने कहा कि भक्ति के मार्ग पर विवेक और गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है।

निस्वार्थ साधना से मिलते हैं परमात्मा

महाराज ने अपने प्रवचनों में जोर देते हुए कहा कि “भजन गुरुदेव की आज्ञा से और विवेकपूर्ण होना चाहिए।” उन्होंने समझाया कि साधना हमेशा निष्काम (बिना किसी सांसारिक इच्छा के) होनी चाहिए। ऐसी निस्वार्थ भक्ति से प्रसन्न होकर परमात्मा भक्त को बिना मांगे ही सब कुछ प्रदान कर देते हैं।

संसार में केवल कर्म और भजन ही साथ जाते हैं

जीवन की नश्वरता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को धन, संपत्ति, परिवार और संसार को यहीं छोड़कर खाली हाथ जाना पड़ता है। मृत्यु के बाद केवल भजन, साधना और अच्छे कर्म ही जीव के साथ जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया कि वे सदैव श्रेष्ठ कर्म करें, ताकि अंत समय में मोक्ष या स्वर्ग की प्राप्ति हो सके।

इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर आयोजक: पुरण सोलंकी ,राजाराम महाराज, नंदकिशोर परिहार, दिनेश सांखला, दलपत टांक, हेमाराम घांची, लहरा राम माली, भेराराम, शंकर लाल, चंदना राम, भानाराम, गणपत लाल।

महिला श्रद्धालु: संतोष, शांति, सत्यवती पाराशर, कौशल्या, विद्या, लक्ष्मी सहित भारी संख्या में भक्तगण।

सत्संग में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया

कल सोमवार को भी होगा पांचाराम महाराज का सत्संग समारोह यह जानकारी आश्रम के दिनेश सांखला ने दी ।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button