उद्योगों एवं किसानों को निर्बाध 24 घंटे विद्युत आपूर्ति व राजस्थान मिशन 2030 पर चर्चा
जोधपुर। राजस्थान मिषन 2030 का विजन तैयार करने के लिए ऊर्जा विभाग के तहत जोधपुर डिस्कॉम के जोधपुर संभाग केे संभागीय मुख्य अभियंता की ओर से हितधारकों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें किसान वर्ग, औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ता ने भाग लेकर सुझाव दिये।
संभागीय मुख्य अभियंता एम. एस. चारण ने बताया कि बैठक में किसान वर्ग के प्रतिनिधियों ने कृषि विद्युत कनेक्षन जारी करने की व्यवस्था, किसानों को 24 घंटे उचित वोल्टेज के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति की आवष्यक व्यवस्था करने की बात कही जिससे पॉली-हाउस फार्मिंग व पोंड़ फिषिंग भी शुरू की जा सके। किसानों के लिए भूजल दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है, इसलिए जल बचाने के लिए नहर सिंचाई, दबाव पाइप सिंचाई और अन्य प्रौद्योगिकी के लिए इजराइल जैसे देष से उच्च तकनीक खेती प्रषिक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना बनायी जाये और किसानों के प्रषिक्षण के नियमित कार्यक्रम शुरू किये जाये। व कुसुम सोलर में प्रत्येक ट्यूब पंप का सोलराइजेषन पूरा किया जाये।
औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति दी जाये, बहुत सारे उद्योग संयत्र राजमार्ग में ही आते है, अत: 33/11 केवी उपचौकियों से समर्पित इंडस्ट्रीयल फीडर दिये जाये, जल्द बिजली बहाली के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी ‘स्काडा‘ शुरू की जाये, इंडस्ट्रीयल उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए एक समर्पित पोर्टल हो जो सिर्फ एच.टी. कनेक्षन के लिए हो व तुरंत प्रभाव से समस्या का निराकरण करवा पायें, विद्युत कटौती से पहले ही एस.एम.एस. के माध्यम से पूर्व-सूचित किया जायें ताकि उद्योगों में होने वाली हानियों से बचा जा सके।
राजस्थान मिशन 2030 के लक्ष्यों पर भी विचार विमर्ष हुआ जिनमें मुख्यत: औद्योगिक संघों की तरफ से सोलर पावर जनरेषन को बढावा देने तथा सोलर रूफटॉप प्लांटों में औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट देने, सभी रिको एरिया में खाली जमीनों पर सोलर प्लांट अनिवार्य करने, टैरिफ दरों में कटौती करने के सुझाव दिये गये। इसके अतिरिक्त राज्य में औद्योगिक गति को बढावा देने के लिए अगले सात वर्षों तक विद्युत दरों में वृद्धि रोकने के लिए विद्युत तंत्र को मजबूत करने, शटडाउन एवं कटौती की सूचना पूर्व में ही देने एवं उद्योगों में विद्युत कटौती न्यूनतम करने के सुझाव प्राप्त हुए।
उपभोक्ताओं के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या बढाने व सामान की उपलब्धता जल्द से जल्द करवाने के भी सुझाव प्राप्त हुए। किसान संगठनों की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती न्यूनतम करने, कृषि कनेक्षनों को जल्द से जल्द जारी करने एवं जले हुए ट्रांसफार्मरों को तुरन्त बदलने, खराब मीटरों को बदलने, विद्युत कनेक्षनों में नामान्तरण प्रक्रिया सरल बनाने इत्यादी के सुझाव दिये गये। अत: सभी हितधारकों से निवेदन है कि दिनांक 11.09.2023 तक अपने सुझाव कार्यालय संभागीय मुख्य अभियंता जोधपुर के ई-मेल पते ce_jdz@yahoo.co.in ;k zcejdz@gmail.com पर भी भिजवा सकते है।
बैठक में अधीक्षण अभियंता एम.एम. सिंघवी, एम.के. सोनी, ओ. पी. सुथार, पी. एस. राठौड़, प्रावैधिक सहायक श्रीमती रूचि भंसाली, अधिशाषी अभिंयता अमित सिंहरा, कमल मीना, गायड़ सिंह राठौड़, पी. आर सियाग, भुपेन्द्र बोहरा, जयपाल चौधरी, डी के चौधरी, उद्योगपति उपेन्द्र भंसाली, विष्णु मिततल, भंवरलाल चौपड़ा, राजेश सोलंकी,चेतन सिंह, नीरज सुराना, भारतीय किसान संघ से तुलसाराम, मेघाराम, गोरधन राम आदि मौजूद रहे।