विद्यार्थियों ने प्रदेश के विजन 2030 हेतु दिए बहुमूल्य सुझाव
युवाओं, विद्यार्थियों ने बताया कैसा हो 2030 का राजस्थान
पाली। राजस्थान को 2030 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने की मंशा से मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अभिनव पहल राजस्थान मिशन 2030 के तहत सोमवार को जिला परिषद सभागार में युवाओं के साथ प्रशासन ने संवाद किया और राजस्थान को 2030 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने हेतु सुझाव लिए।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री नमित मेहता ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि इस संवाद का मूल मकसद युवा वर्ग से चर्चा करते हुए उनके सुझावों के आधार पर नीतियां तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए आपके जो भी महत्वपूर्ण सुझाव होंगे उन्हें चिन्हित कर सरकार को प्रेषित किए जाएंगे। इस दौरान युवाओं ने कलेक्टर से शिक्षा व्यवस्था, रोजगार तथा कैरियर मार्गदर्शन से संबंधित चर्चा की। जिला रसद अधिकारी श्रीमती पूजा सक्सेना ने कार्यक्रम को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी की ।
युवाओं ने कुछ ऐसे दिए सुझाव:-
सरकार वोकेशनल ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दें:- युवाओं ने कहा कि राजकीय क्षेत्र में रोजगार के अवसर काफी कम है ऐसे में सरकार को वोकेशनल ट्रेनिंग आदि पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए जिससे कि रोजगार के अधिक अवसर सृजित हो सके।
युवा विद्यार्थी युवराज प्रजापत ने पाली में विश्वविद्यालय खोलने की बात कही, स्काउट विद्यार्थी हेमंत ने सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करवाने का सुझाव दिया। बांगड़ कॉलेज की छात्रा दिव्या ने प्रदेश में पेपर लीक के मुद्दे पर सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को पेपर लीक रोकने हेतु विशेष कदम उठाने चाहिए।
सोजत के युवा दिनेश ने स्टार्टअप के संबंध में सुझाव देते हुए कहा कि स्टार्टअप कार्यक्रम को स्कूल और कॉलेज में भी शुरू किया जाए। स्टार्टअप के लिए सिंगल विंडो सिस्टम हो वही स्टार्टअप क्रेडिट कार्ड सेवा भी शुरू करने की बात कही। नर्सिंग विद्यार्थियों ने राजकीय नर्सिंग महाविद्यालयों में वार्षिक फीस कम करने का सुझाव दिया। बांगड़ महाविद्यालय के छात्र हिमांशु ने सुझाव दिया कि शिक्षा व्यवस्था में हिंदी भाषा को अधिक महत्व दिया जाए। राजीविका की खेरूनी ने सुझाव देकर कहा कि राजीविका से जुड़ी महिलाओं को भी राजकीय सेवाओं में आने के अवसर प्रदान किए जाएं। युवती रिया ने कहा की भर्ती परीक्षा में महिलाओं को ज्यादा दूर परीक्षा केंद्र आवंटित नहीं किये जाए।
युवती दिव्या ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने हेतु कमेटी गठित कर अभियान चलाने और विशेष कदम उठाने का सुझाव दिया। छात्र मयंक ने सुझाव दिया कि प्रदेश में खेलों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाना चाहिए जिससे कि राजस्थान से अधिक से अधिक खेल प्रतिभाएं सामने आ सके। स्काउट विद्यार्थी हेमंत गौड़ ने राजस्थान में शराब पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया।
संवाद कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर सीलिंग श्री जब्बर सिंह, उपखंड अधिकारी श्री अशोक कुमार, उपभोक्ता संरक्षण मंच के पुष्पेन्द्र सिंह, तहसीलदार श्री मदाराम, मुख्य आयोजना अधिकारी श्री रामदयाल राठौड़, तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं युवा मौजूद रहे।