जयपुर में होगी राजस्थान की पहली मंच पार्श्व कार्यशाला
राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की रंगकर्मियों को सृजनात्मक सौग़ात
जोधपुर । राजस्थान के रंगमंच को तकनीकी रूप से संवृद्धित और उन्नत करने के ध्येय से राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर द्वारा जवाहर कला केंद्र के सहयोग से प्रदेश में पहली बार जयपुर में 18 से 23 जुलाई तक 6 दिवसीय मंच पार्श्व कार्यशाला का सृजनात्मक आयोजन किया जा रहा है।
अकादमी अध्यक्ष श्रीमती बिनाका जेश मालू ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मंच पर नाटकों की बेहतर व गुणात्मक प्रस्तुति के लिए मंच पार्श्व में किए जाने वाले रचनात्मक कार्य करने वाले सक्षम एवं मज़बूत कलाकर्मी होने चाहिए। प्रदेश में विभिन्न विषयों पर अलग-अलग प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाएँ आयोजित रही है, लेकिन समग्र रूप से मंच प्रबंधन,दृश्य विधान,मंच सज्जा, वस्त्र विन्यास पर प्रभावी कार्य की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए अकादमी द्वारा यह विशेष कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में प्रदेश के चयनित तथा सीमित संख्या में रंगधर्मियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए गये है।
अकादमी सचिव श्री लक्ष्मी नारायण बैरवा ने बताया की इस कार्यशाला में प्रशिक्षण देने के लिए देश के ख्यातनाम नाट्य निर्देशक प्रोफ़ेसर श्री देवेन्द्रराज अंकुर दिल्ली, मुंबई से देश की एक मात्र मंच प्रबंधन की विशेषज्ञ सात्विका कंठामनेनी और कोच्चि से मंच तकनीकी के विज्ञ श्री फ़िरोज ख़ान को आमंत्रित किया गया है। इस कार्यशाला के लिए अकादमी सदस्य श्री गगन मिश्रा को संयोजक एवं श्री अभिषेक मुद्गल को समन्वयक बनाया गया है।