हम लड़ना, लड़ाना जानते हैं संघर्ष करना नहीं : निज़ाम

– पुष्करणा सृजन सोसायटी तथा पुष्करणा चिंतन सहित कई संस्थाओं ने किया आईएएस चयनित भाविका का अभिनंदन

जोधपुर। विख्यात शाइर तथा चिंतक शीन काफ़ निज़ाम ने कहा कि हम लड़ना और लड़ाना जानते हैं, लेकिन संघर्ष करना नहीं। भाविका आज जिस मुकाम पर है, वो उसके संघर्ष की मिसाल है। श्री निज़ाम शुक्रवार को यहां महिला महाविद्यालय सभागार में पुष्करणा सृजन सोसायटी तथा पुष्करणा चिंतन की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान  तथा अभिनंदन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद के महामंत्री अमरचंद पुरोहित ने की। प्रमुख उद्योगपति व समाजसेवी राधेश्याम रंगा तथा राजस्थान विकास संस्थान के चेयरमैन मनीष व्यास बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन थे। समारोह में सैकंडरी व सीनियर हायर सैकंडरी परीक्षाओं में 80 फीसदी से अधिक अंक प्राप्तकर्ता 60 से अधिक छात्र-छात्राओं को सोसायटी की ओर से प्रमाण पत्र तथा मोमेंटो प्रदान किए गए। 

श्री निज़ाम ने कहा कि उम्र के इस मुकाम पर बच्चों की तरक्की देखकर जी खुश होता है। सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 100वीं रैंक हासिल करने वाली सुश्री भाविका थानवी को ‘मैडम’ कहकर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद किसी एक समाज की नहीं बल्कि सभी समाजों की वो अधिकारी बनेंगी जिससे सभी को उम्मीदें होंगी। निजाम ने एक शताब्दी पूर्व के कवि रॉबर्ट फॉस्ट की कविता के हवाले से भाविका के चिकित्सक माता-पिता को भी बधाई दी कि उन्होंने अपनी बेटी को संघर्ष करना सिखाया। 

समारोह के विशिष्ट अतिथि राजस्थान विकास संस्थान के चेयरमैन मनीष व्यास ने कहा कि आईएएस चयनित भाविका की सफलता का सम्मान नये आयाम तय करेगा। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति की असाधारण उपलब्धि का सम्मान उसका समाज करता है, तो समाज के अन्य लोगों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। आईएएस में चयनित पुष्करणा समाज की प्रथम महिला सुश्री भाविका थानवी ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों को अध्ययन के गुर सिखाए। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया एक्टिविटी को नियंत्रित करने की सलाह देते हुए कहा कि अपना गोल तय कर कड़ी मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी। भाविका ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को कोट करते हुए कहा कि सपने देखना और उन्हें साकार करना मेहनत के बिना संभव नहीं है। उन्होंने 60 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र तथा मोमेंटो प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह की अध्यक्षीय उद्बोधन में अभापुसे परिषद के महामंत्री अमरचंद पुरोहित ने भाविका के आईएएस में चयन को समाज के लिए गर्वानुभूति बताया। उन्होंने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और अपनी मंजिल छूने के लिए प्रेरित किया। प्रारंभ में पुष्करणा सृजन सोसायटी के अध्यक्ष आनंदराज व्यास ने स्वागत भाषण में सोसायटी तथा पुष्करणा चिंतन के समाज सरोकारों तथा गतिविधियों की जानकारी दी। वरिष्ठ पत्रकार तथा पुष्करणा चिंतन के संपादक दिनेश जोशी ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। समारोह का प्रभावी संचालन भानु पुरोहित ने किया। सोसायटी के संयोजक सोमदत्त हर्ष, सचिव मनोज बोहरा तथा कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पुरोहित ने अतिथियों का पुष्पहार, स्मृति चिह्न तथा साफा पहनाकर सम्मान किया। समारोह में पुष्करणा चिंतन की ओर से रामजी व्यास, अमित व्यास, शेखर पुरोहित, जगदीश पुरोहित, ज्ञानेंद्र व्यास, राजकुमार जोशी, त्रिभुवन बिस्सा तथा रमेश सिसोदिया ने 21 किलो के पुष्पहार से सुश्री भाविका थानवी का अभिनंदन किया।

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