कल्याण मन्दिर स्त्रोत एक चमत्कारी एवं प्रभावशाली स्त्रोत -साध्वी विधुत्प्रभाश्री
बाड़मेर । कुशल वाटिका प्रांगण में पंाच दिवसीय आयोजन के तीसरे दिन श्री कल्याण मन्दिर मंडण महापूजन पार्ट-2 का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। तीसरे दिन संगीतमय पूजन में विधिकारक अरविन्द भाई इन्दौर एवं साध्वीवर्या श्री विधुतप्रभाश्री म.सा. ने मंत्रोच्चार करते हुए लम्पी रोग से ग्रसित गौवंश को बिमारी ने निजात मिलने की कामना की। इस अवसर पर साध्ववीवर्या ने कहा कि मानव मंे जैसे कोराना महामारी आई वैसी ही महामारी अब गौवंश में आई ऐसे मंे समस्त मानव मात्र को गौवंश की सेवा करते हुए उन्हे बचाने के प्रयास में लग जाना चाहिए। उन्होने कहा कि भगवान महावीर ने कहा था कि संसार में रहने वाले समस्त जीवों की रक्षा करना हमारी कर्तव्य है।
उन्होने सभी से गौसेवा का आवाहन करते हुए कहा कि इस पूजन के माध्यम से लम्पी बिमारी जल्द खत्म हो ऐसी मंगल कामना की गई है। उन्होने पूजन की महत्ता बताते हुए कहा कि कल्याण मन्दिर स्त्रोत एक चमत्कारी एवं प्रभावशाली स्त्रोत है। इस स्त्रोत के द्वारा भक्ति करते करते सिद्वसेन दिवाकरसूरि अवन्ति तीर्थ में विक्रमाद्वित्य राजा आदि की उपस्थिति में परमात्मा पार्श्वनाथ भगवान को शिवलिंग से प्रकट किया था।
इस महापूजन के द्वारा अपने हृदय में भगवान को स्थापित करना है। कुशल वाटिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रतनलाल संखलेचा व कोषाध्यक्ष बाबुलाल टी बोथरा ने बताया कि कुशल वाटिका प्रांगण में चातुर्मास में विराजित खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी की अज्ञानुवर्तिनी बहन म.सा. ड़ॉ विधुत्प्रभा श्रीजी म.सा. की पावन प्रेरणा से व मुनि श्री विवेकसागरजी म.सा., माताजी म.सा. रत्नमाला श्रीजी व अन्य साधु-साध्वीवृन्द की पावन निश्रा में कुशल वाटिका में 12 सितम्बर से 16 सितम्बर तक पांच दिवसीय महापूजन का आयोजन के तीसरे दिन श्री कल्याण मन्दिर मंडण महापूजन पार्ट-02 महापूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। महापूजन भगवान अवन्ति पार्श्वनाथ की प्रतिमा के समक्ष विभिन्न मंत्रोच्चार के माध्यम से आह्वान किया गया तथा जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य, फल आदि के माध्यम से पूजन किया गया और शान्ति स्नात्र पूजन किया गया।
कुशल वाटिका परिसर में महापूजन को लेकर फलो, अनाज, आदि से मांडणा बनाया गया। पूजन में विधिकारक अरविन्द भाई इन्दौर द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। महापूजन के तीसरे दिन बुधवार को श्री अवन्ति पार्श्वनाथ भगवान के महापूजन भक्ति के माध्यम से विधिकारक अरविंद भाई इंदौर द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से करवाया गया, महापूजन में भक्ति में महिलाओं व पुरुषों सहित लाभार्थी परिवार झूम उठे और आज के पार्ट-2 में भगवान अवन्ति पार्श्वनाथ शिवलिंग में प्रकट हुए। श्री कल्याण मन्दिर मंडण महापूजन पार्ट-02 महापूजन का लाभ मांगीलाल रिखबदास वडेरा परिवार द्वारा लिया गया। कुशल वाटिका मंत्री सम्पतराज बोथरा दिल्ली ने बताया कि महापूजन कार्यक्रम के दौरान अवन्ति पार्श्वनाथ भगवान को शिवलिंग में प्रकट करने का लाभ मांगीलाल, रतनलाल सुपुत्र रिखबदास ठेकेदार वडेरा परिवार द्वारा लिया गया। इसी कार्यक्रम के तहत पूजन समापन के बाद भगवान की आरती का लाभ राणामल मालचन्द धारीवाल परिवार बाड़मेर व मंगल दीपक का लाभ मदनलाल सगतमल मालू परिवार एवं शान्ति कलश का लाभ बाबुलाल, भैरूलाल, नरपतकुमार भूरचन्द लूणिया परिवार अहमदाबाद ने लिया। महापूजन में कुशल वाटिका जाने के लिए एक बस जूना किराडू मार्ग, एक बस आराधना भवन, एक बस विद्यापीठ के पास प्रातः 07.50 बजे की गई है। महापूजन के कार्यक्रम में श्री जिन कुशलसूरी सेवाश्रम ट्रस्ट, कुशल वाटिका, केयुप, केएमपी सहित जैन बन्धुओं ने सेवाएं प्रदान की। इस महापूजन के दिन मुलनायक भगवान की प्रतिमा को रत्नों से जड़ी और सोने जैसी आंगी सजाई गई। इस महापूजन में उपाध्यक्ष द्वारकादास डोसी, उपाध्यक्ष रतनलाल संखलेचा, मंत्री सम्पतराज बोथरा दिल्ली, कोषाध्यक्ष बाबुलाल टी बोथरा, प्रचारमंत्री केवलचन्द छाजेड़, सम्पतराज धारीवाल सनावड़ा, कैलाश धारीवाल, पूर्व सभापति उषा जैन, सोहनलाल गोठी, मोहनलाल छाजेड़ नवसारी, राजु कोटड़िया, भूरचन्द मिर्ची, भैरूलाल लूणिया अहमदाबाद, कपिल मालू, सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
आज होगा श्री दादा गुरूदेव महापूजन का आयोजन- कुशल वाटिका प्रचारमंत्री केवलचंद छाजेड़ ने बताया कि कुशल वाटिका प्रांगण में पंच दिवसीय महापूजन के चौथे दिन गुरूवार को श्री दादा गुरूदेव के महापूजन का आयोजन होगा। इस महापूजन का दादा गुरूदेव भक्त परिवार द्वारा लिया गया है। बाडमेर में पहली बार ऐसे पंच दिवसीय महापूजन का आयोजन ऐतिहासिक किया जा रहा है। महापूजन में सैकडों महिलाएं व पुरूष भाग ले रहे है।