मुख्यमंत्री के आगमन पर शारीरिक शिक्षकों ने दिया समस्याओं का ज्ञापन

जोधपुर । राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हापूराम चौधरी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लम्बे समय के अन्तराल के बाद जोधपुर आगमन पर शारीरिक शिक्षकों ज्वलंत समस्याओं पर आज सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान ज्ञापन देकर समाधान की मांग की।
प्रदेशाध्यक्ष हापूराम चौधरी ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के शारीरिक शिक्षक पिछले पचास वर्षों से उपेक्षा के शिकार रहे है। पदोन्नति के अभाव में कैडर के समस्त उच्च पद रिक्त पड़े है। 2021 शिक्षा सेवा में जो बदलाव किए है, उनमें भारी विसंगतियाँ है। संगठन की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया एवं पदोन्नतियों के लिये एनसीटीई की गाईडलाईन की पालना में ही नियम संशोधित किये जाएं ताकि भर्तियाँ एवं पदोन्नतियाँ कोर्ट में नहीं अटक सके। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि तृतीय श्रेणी भर्ती के लिये योग्यता सीपीएड (पुरानी) डीपीएड (नई) और बीपीएड, द्वितीय रेणी के लिये योग्यता बीपीएड और डीपीएड (पुरानी स्नातक के बाद) व प्रथम श्रेणी शारीरिक शिक्षक भर्ती के लिये योग्यता एमपीएड या समकक्ष अधिस्नातक डिग्री एन.सी.टी.ई./यूजीसी के मापदण्ड के अनुसार होनी चाहिये। उप जिला शिक्षा अधिकारी का पदनाम बदलकर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा किया जाये। राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हापूराम चौधरी, देवेन्द्र सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष बेला सैनी, निर्मला विश्नोई, विजय प्रजापति, रणजीत सांखला, महेन्द्र चौधरी, युनुस खान, दवेन्द्र चौधरी, प्रेमा चौधरी, अंजना सैनी, मन्जू, महेन्द्र जयपाल, रामलाल जलवानिया, रामकिशोर, शुभम खोईवाल, राजेन्द्र सिंह ने शारीरिक शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर 13 सुत्री मांग पत्र देकर के समाधान की मांग की।

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