दिन की शुरुआत भी पॉजिटिव तरीके से करें और समापन भी

जोधपुर। संत चंद्रप्रभ ने कहा कि हर सुबह हमारे लिए एक अवसर बनकर आती है। जिन्हें अवसर को भुनाना आता है, उनके लिए हर सुबह वरदान के समान होती है। जो लोग सुबह सूर्योदय से पहले जग जाते है वे 24 घंटे में भी 25 घंटे का काम करने में सफल हो जाते हैं। हर सुबह हमारे पास दो विकल्प होते हैं, या तो सुबह जल्दी जागिए और अपने सपने पूरे कीजिए या देर सुबह तक सोए रहिए और मनचाहे सपने देखते रहिए। जो लोग सुबह जल्दी जागते है वे सदा उगते हुए सूरज के साथ अपना खिलता हुआ भाग्य देखते हैं।
संत चन्द्रप्रभ कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम में सोशल मीडिया पर लाइव प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुराने समय में लोग अलसुबह पढ़ाई करते थे इसलिए पढ़ी हुई बातें उन्हें जीवनभर याद रहती थीं। सुबह की जीवनशैली बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें सुबह जागने के बाद मीठी मधुर मुस्कान लेकर अपनी मनोदशा ठीक करनी चाहिए। घर के बड़े बुजुर्गों को प्रणाम करके उनके आशीर्वाद लेने चाहिए। योग और प्राणायाम अवश्य करना चाहिए ताकि हम स्वस्थ तन मन के मालिक बन सकें। सुबह 5 मिनट की प्रार्थना और 15 मिनट का ध्यान हमारे जीवन को चार्ज करने में हमारी मदद करता है। अपने दिमाग को पॉजिटिव बनाने के लिए हमें सकारात्मक विचारों और शब्दों से स्वयं को प्रेरित कर लेना चाहिए और जीवन में जो हम होना चाहते हैं उसे रोज विजुलाइज भी करें। हम जो आज सोचेंगे और देखेंगे, कल उसी से हमारे भविष्य का निर्माण होगा।
संत ने कहा कि हमें जितने सुन्दर तरीके से दिन की शुरूआत करनी चाहिए, उतने ही सुन्दर तरीके से दिन का उपसंहार भी करना चाहिए। सूर्यास्त के पहले भोजन करना धार्मिक दृष्टि से तो उचित है ही, स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहद लाभदायक है। हमें सोने से तीन घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। सुबह का नाश्ता हमें राजा की तरह करना चाहिए, दोपहर का भोजन प्रजा की तरह और शाम का भोजन रोगी की तरह। शाम को किसी भी स्थिति में गरिष्ठ भोजन करके अपने शरीर पर अत्याचार नहीं करना चाहिए। सोने से पहले घर के बड़े बुजुर्गों की सेवा करके उनकी दुआओं की दौलत भी कमानी चाहिए। जीवन में ज्ञान का प्रकाश देने वाली अच्छी किताबें 10 मिनट जरूर पढ़ें। नींद लें उससे पहले हमें दिनभर की भूलों के लिए क्षमा प्रार्थना अवश्य कर लेनी चाहिए ताकि हमारी भाव-दशाएँ मधुर हों और अगर स्वप्न भी आए तो उसमें दिव्यता हो।

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