सीड बाल तकनीकी पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया

जोधपुर। दुर्गम स्थानों एवं अपक्षरित भूमि हेतु वनीकरण के लिए सीड बाल तकनीकी पारम्परिक विधियों से बेहतर साबित हो सकती है। सीड बाल तकनीकी के प्रयोग द्वारा कम खर्च मे वनीकरण किया जा सकता है। ये उद्गार शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) जोधपुर द्वारा गुजरात वन विभाग के वनस्पति अधिकारियों हेतु आयोजित सीड बॉल तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुएॅ आफरी निदेशक एमआर बालोच ने व्यक्त किए।
बालोच ने इस तकनीकी को स्वयसेवी संगठनों एवं अन्य वनीकरण संस्थाओं तक पहुंचने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 5-5 हैक्टेयर के तीन विभिन्न जलवायु क्षेत्रों मे यह परीक्षण राजस्थान एवं गुजरात वन विभाग द्वारा किया जाएगा तथा आफरी के नोडल प्रभारी इसका डाटा रिकार्ड एवं मूल्यांकन करेगे। इस अवसर पर आफरी समूह समन्वयक शोध डॉ. जी. सिंह ने बताया कि यह तकनीक पूर्व मे उपलब्ध तकनीक को परिष्कृत कर बनाई गई है तथा वन अनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कर इसका देश भर मे परीक्षण किया जा रहा है। डॉ. जी. सिंह ने इसके विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम में नोडल ऑफिसर आफरी के वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार बोहरा ने स्लाइड शो तथा विडियो द्वारा इस तकनीक के बारे मे विस्तार से बताया। कार्यक्रम में गुजरात वन विभाग के उपवन संरक्षक, सहायक वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी स्तर के 15 अधिकारियों ने भाग लिया।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button