किसान बिलों के विरोध में जैसलमेर जिला कांग्रेस कमेटी ने किया चक्का जाम
- चक्का जाम से वाहनों लम्बी कतारे लगी, पुलिस मौके पहुँची
जैसलमेर (जगदीश गोस्वामी)। केन्द्र सरकार के द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के विरोध में विपक्ष ने देशव्यापी चक्का जाम आन्दोलन किया गया। जिसमें राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले में भी असर देखने को मिला । जैसलमेर जोधपुर राजमार्ग पर होटल डेजर्ट ट्युलिप के सामने कांग्रेस के पदाधिारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बैरियर लगाकर सडक़ मार्ग को जाम किया।
कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर मोडिएव सडक़ पर लेटकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की । चक्का जाम के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाईन लग गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाया ।
इस अवसर पर जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदेव, उप जिला प्रमुख बी. के. बारूपाल, पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी, नगर परिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला, उपसभापति खीमसिंह राठौड़, पूर्व नगर परिषद सभापति सुमार खान, अशोक तंवर एवं छोटू खान कंधारी, युवा नेता आंनदसिंह देवड़ा, पूर्व पार्षद अरुणा देवड़ा , आइटी सेल सुनील गोयल, राजकुमार भाटिया , राधेश्याम कल्ला , जितेन्द्र छंगानी एवं कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विधायक जैसलमेर रूपाराम धनदेव ने बताया कि भारत कृषि प्रधान देश है। हमारे यहां 80 प्रतिशत आबादी कृषि उद्योगों पर आधारित व्यवसाय पर निर्भर है। लेकिन जो व्यापारी हैं उनका कृषि को छोडक़र सब पर कब्जा था, लेकिन अब किसानों के हाथ बांधने की तैयारी चल रही है। किसान को भी गुलाम बनाया जा रहा है। किसानों विगत ढाई माह से आन्दोलन पर है मांग है। इन तीनों काले कानूनों को वापिस लिया जाए। वहीं पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी का कहना हंै कि दिल्ली बॉर्डर पर ढाई माह से को किसानों पर अत्याचार ढाया जा रहा है उसके लिए हम केन्द्र सरकार का विरोध करते है इन काले कानूनों को वापिस लिया जाए । आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जो किसानों पर ज़ुल्म ढाया जा रहा है। तीनों कानून पूंजीपतियों को लाभ देने वाले है जिससे किसान रोड़ पर आ जाएंगे मंडिया बन्द हो जाएगी।