अदालतों के फैसलों ने प्रजातंत्र में लोगों का भरोसा कायम किया: लोढा
- नवनिर्मित पक्षकार दीर्घा का उद्घाटन समारोह
- विधायक कोष से न्यायालय परिसर में 15 लाख की लागत से तैयार हुआ भवन
सिरोही। विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि अदालत आज भी नागरिकों का हौंसला कायम रखने वाली संस्था बनी हुई है। उन्होने कहा कि पक्षकार जब कार्यपालिका से थक जाता है तो न्यायालय ही उसका आसरा रह जाता है। उन्होंने न्यायिक कार्यप्रणाली की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा कि अदालतों के फैसलों ने भारतीय प्रजातंत्र में लोगों का भरोसा कायम रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है। लोढ़ा यहां जिला न्यायालय परिसर में विधायक कोष से 15 लाख रूपये की लागत से निर्मित पक्षकार दीर्घा के उद्घाटन कर्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्हांेने कहा कि कोविड-19 में राजस्थान के न्यायिक क्षेत्र का कार्य अत्यधिक सराहनीय रहा है। लोक अदालतों के जरिए विसी के माध्यम से 35 हजार मामलों का निर्णय किया गया। पूरे देश में ढाई लाख मामले निस्तारित हुए हैं, जिसमें से 14 प्रतिशत राजस्थान के है। राष्ट्रीय लोक अदालत में भी राजस्थान को प्रथम स्थान मिला है।
न्यायिक अदालतों के लिए भूमि आवंटित
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2 साल मंे न्यायिक क्षेत्र में आधारभूत ढ़ाचंे के विकास के लिए खुले दिल से सहयोग किया है। पिछले बजट में 55 नई अदालते खोली गई। इसके साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट से प्राप्त प्रस्तावांे की पालना में राज्य भर में तीव्र गति से भूमि आवंटन का कार्य किया जा रहा है। सिरोही में भी सर्किट हाऊस के पास न्यायिक अदालतों के लिए राज्य सरकार ने भूमि आवंटित कर दी है। लोढा ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने अनेक जनहित याचिकाओं का निस्तारण करते हुए पानी, चिकित्सा व गोचर भूमि के मामले में अनेक निर्णय किए है। इससे नागरिक सुविधाओं में प्रभावी बढ़ोतरी हुई है।
कोर्ट और वकीलों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता ने कहा कि पक्षकार दीर्घा की सिरोही में कमी चल रही थी। नागरिक अदालत में सुनवाई के दौरान आने पर इधर उधर पडे रहते थे अब उन्हें एक जगह बैठने की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिरोही में कोर्ट और वकीलों के बीच अच्छा सौहार्द्धपूर्ण संबंध है। हर कार्य में सहयोग प्राप्त होता रहता है। स्वर्गीय वरिष्ठ अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा जिनकी प्रेरणा से यह पक्षकार परिसर विधायक ने स्वीकृत किया। मैने उनके पास काम सिखा, एक वकील के रूप में वे अत्यंत जुजारू व सक्रिय थे। बार एशोसिएशन के अध्यक्ष मानसिंह देवड़ा ने कहा कि राज्य विधानसभा में जब लोढा का भाषण सुनते है तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। वे विषय की जितनी तैयारी करके बोलते है उससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने लोढा से ई लाईब्रेरी स्वीकृत करने का आग्रह किया। इससे नए वकीलों को शहुलियत मिल सके। विधायक लोढ़ा ने विधायक कोष से ई-लाईब्रेरी स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट मुनव्वर हुसैन ने किया।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कलेक्टर भगवती प्रसाद, पुलिस अधीक्षक अभिलाष टाक, एससीएसटी कोर्ट के न्यायाधीश, एमएसीटी कोर्ट के न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुनसीब मजिस्ट्रेट, एडवोकेट कुलदीप रावल, एडवोकेट प्रकाश धवल, एडवोकेट नगेंद्र मेडतिया, एडवोकेट अश्विन मरडिया एवं बार एशोसिएशन के पदाधिकारी एवं अधिवक्ता, सभापति मनुभाई मेवाड़ा, उपसभापति जितेन्द्र सिंघी, पार्षद ईश्वर सिंह ड़ाबी, पार्षद शुदांशु गोड पार्षद, पार्षद तेजाराम, पार्षद अनिल, पार्षद मारूफ कुरेशी, पार्षद भरत हिरागर, पार्षद अखिलेश मोदी, तलसाराम राणा, पार्षद जितेन्द्र ऐरण, समाजसेवी प्रकाश प्रजापति, हरिओम दत्ता, बाबूखान, वसीम जयहिन्द, छगन सुथार, सत्येन्द्र मीणा, धनराज माली, राजेन्द्र माली, बाबूजी माली, देवराज टांक भी उपस्थित थे।