सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार ने किया टीकाकरण सत्र का निरीक्षण दिए आवश्यक दिशा निर्देश
सेवा भारती समाचार।
सिरोही। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार एवं जिला प्रजजन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विवेक कुमार ने शहरी क्षेत्र सिरोही की घांचीवाड़ा आंगनबाड़ी केन्द्र पर आयोजित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण सत्र के निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को दिए जाने वाले टीकों की एएनएम कल्पना शर्मा से विस्तृत जानकारी प्राप्त की एवं आरसीएच रजिस्टर का निरीक्षण किया तथा लाभार्थियों के परिजनों से भी टीकाकरण के बारे में फीडबैक लिया एवं जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ड्यू लिस्ट का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कोई भी गर्भवती महिला एवं बच्चा टीकों से छूटना नहीं चाहिए। कोरोना महामारी के कारण जो लाभार्थी छूट गए हैं उनकी लिस्ट बनाकर उनका टीकाकरण करना सुनिश्चित करें। साथ ही कोविड-19 के संक्रमण के बचाव के लिए आवश्यक सावधानी, मॉस्क व सोशियल डिस्टेसिंग तथा सेनेटाइजेशन का पालन करते हुए एमसीएचएन डे आयोजित किए जावे। निरीक्षण के दौरान जन स्वास्थ्य प्रबन्धक दिलावर खाँ व आशा सहयोगिनी हीरा खत्री उपस्थित रही। उन्होंने बताया कि गुरुवार को जिलेभर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर मॉस्क व सोशियल डिस्टेसिंग तथा सेनेटाइजेशन का उपयोग करते हुए मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस मनाया गया। कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ाई के साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गर्भवती, प्रसूता, नवजात व बच्चों के समयबद्ध टीकाकरण और उसके प्रभावी मॉनिटरिंग पर फोकस कर रहा है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों ने अवलोकन किया।
ये हुई जांचें और टीकाकरण
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि एमसीएचएन डे पर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर हुई गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच में गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन जांच, वजन, मूत्र, मधुमेह, हाईट, ब्लडप्रेशर तथा पेट की जांच की।
जन्म से पांच साल तक के बच्चों का हुआ टीकाकरण
जन स्वास्थ्य प्रबंधक दिलावर खाँ ने बताया की शहरी क्षेत्र की आंगनबाड़ी केन्द्र के टीकाकरण दिवस पर नवजात से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों को उनकी आयु वर्ग के मुताबिक बीसीजी, पेटां-प्रथम, द्वितीय तृतीय, ओपीवी-0 डोज, ओपीवी प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय, हेपेटाइटिस बर्थ डोज, आईपीवी प्रथम व द्वितीय, रोटा वायरस प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय, पीसीवी प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय तथा मिजल्स प्रथम के टीके लगाए गए। टीकाकरण के अतिरिक्त एमयुएसी टेप से बांह का नाप लेकर कुपोषण की जांच की गई और इसमें सुधार हेतु पौष्टिक आहार व फल आदि के बारे में जानकारी दी।