बाल श्रम रोकने के लिए जनजागृति जरूरी
जोधपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर महानगर द्वारा बाल श्रम एवं बाल तस्करी विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्ट्रेट सभा भवन में किया गया।
कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश नरसिंह दास व्यास की अध्यक्षता तथा चन्द्र कुमार सोनगर एवं अशोक कुमार जैन के आतिथ्य में किया गया। कार्यशाला में प्राधिकरण के सचिव सिद्धेश्वर पुरी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वर्तमान समय के गंभीर मुद्दों में से एक बेहद गंभीर मुद्दे बाल श्रम तथा बाल तस्करी के दुष्परिणामों के बारे में बताया तथा अंत में सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश नरसिंहदास व्यास ने भारत के संविधान की प्रस्तावना के बारे में बताते हुए मूल कत्र्तव्यों के बारे में शपथ दिलाई तथा बाल श्रम तथा बाल तस्करी के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि अगर उक्त समस्या को जड़ से मिटाना है तो हमें कानून की जानकारी के साथ साथ समाज में इसके प्रति जागरूकता भी लानी होगी, जिससे हम अपने प्रयासों में सफल हो सकेंगे। कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश चन्द्र कुमार सोनगरा ने उद्बोधन में बाल श्रम तथा बाल तस्करी के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। कार्यशाला में यूनिसेफ के प्रतिनिधि जावेद अंसारी ने बाल श्रम तथा बाल तस्करी पर आधारित सुभाष बेनेगल द्वारा निर्देशित लघु फिल्म दिखाई गई तथा यह बताया कि राजस्थान भारत में तीसरे स्थान पर है, जहां पर सबसे ज्यादा बाल श्रम होता है तथा यही से सबसे ज्यादा बच्चों की बाल तस्करी की जाती है तथा बाल श्रम से सम्बन्धित विभिन्न कानूनों के प्रावधानों के बारे में तथा उसके कारणों के बारे में विस्तार बताया। कार्यशाला में मंच संचालन अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 05 रिचा चौधरी द्वारा किया गया।