महेंद्र राठौड़ बने जल सेवा की मिसाल, सोजत क्षेत्र में 50 से 60 बोरवेल की घोषणा

सोजत । प्रवासी पालीवासियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर शुरू किया गया ‘आओ गांव चलें’ अभियान लगातार जनसहयोग जुटा रहा है। अभियान से प्रेरित होकर सोजत सिटी निवासी एवं वर्तमान में बेंगलूरू में रह रहे प्रवासी भामाशाह महेन्द्र राठौड़ ने सोजत विधानसभा क्षेत्र में 50 से 60 बोरवेल करवाने की घोषणा की है। इन कार्यों पर करीब 30 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है।
अभियान के माध्यम से प्रवासी पालीवासियों को अपनी मातृभूमि और गांवों से जुड़कर स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों में सहयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आंगनवाड़ी सहित विभिन्न जनोपयोगी कार्यों में प्रवासी भामाशाहों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
महेन्द्र राठौड़ की ओर से बोरवेल करवाने की घोषणा सोजत विधानसभा क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला कलक्टर की इस पहल से प्रवासी पालीवासियों में अपनी मातृभूमि के लिए योगदान देने का भाव बढ़ रहा है। बेंगलूरू में रह रहे महेन्द्र राठौड़ द्वारा अपने क्षेत्र के लिए किए गए इस सहयोग से अन्य प्रवासी भी गांवों और क्षेत्र के विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
‘आओ गांव चलें’ अभियान के जरिए प्रशासन और प्रवासी समाज के बीच सहयोग की नई कड़ी बन रही है। जनसहयोग से होने वाले ऐसे कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलने के साथ प्रवासियों का अपनी मातृभूमि से जुड़ाव भी और मजबूत होगा।