मसूरिया में आस्था के सैलाब के साथ संपन्न हुआ बाबा रामदेव का मेला
51 ज्योतों की महा-आरती और 351 किलो प्रसाद का हुआ वितरण
जोधपुर। मारवाड़ के महाकुंभ के रूप में विख्यात लोकदेवता बाबा रामदेव के मसूरिया मेले का भाद्रपद शुक्ल दशमी को अपार श्रद्धा और हजारों भक्तों की उपस्थिति के बीच विधिवत समापन हो गया। दशमी के मुख्य दिन बाबा के दरबार और उनके गुरु बालीनाथ जी की समाधि पर दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा।
बाबा रामदेव जी मंदिर मसूरिया के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी रंजन दईया ने बताया कि समापन के अवसर पर सुबह 6 बजे गुरु बालीनाथ जी की समाधि मंदिर में 51 ज्योतों से भव्य महा-आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र चौहान ने जानकारी दी कि इस पूरे मेले के दौरान लाखों भक्तों ने दर्शन लाभ लिया और अंतिम दिन दशमी पर उम्मीद के मुताबिक हजारों की तादाद में दर्शनार्थी पहुंचे।
संध्या आरती के साथ इस भव्य मेले का औपचारिक समापन किया गया। आरती के पश्चात मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच 351 किलो पेड़ों का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। इससे पूर्व, दिन भर चले भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा। भक्तों ने मंदिर में वर्षों से प्रज्वलित अखंड ज्योत के भी दर्शन किए।
दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था का बेहतरीन प्रबंधन देखने को मिला। पूरे परिसर में पुलिस बल तैनात रहा और 56 सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात विशेष कालिका टीम भी पूरे समय मुस्तैद रही। व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में श्री पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के सचिव नरेंद्र गोयल, उपाध्यक्ष शिव प्रकाश दईया, दिनेश गोयल, दिनेश प्रकाश पंवार, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम राखेचा के साथ सैकड़ों स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभी समुदायों की सामूहिक भागीदारी के साथ संपन्न हुए इस मेले ने मारवाड़ की सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।