नई खनिज नीति के लिए प्राप्त व्यावहारिक सुझावों का होगा समावेश
सेवा भारती समाचार।
जयपुर। राज्य की प्रस्तावित नई खनिज नीति के लिए सुझावों का सिलसिला जारी है। खनिज निदेशक के.बी. पण्ड्या ने कहा है कि प्रस्तावित खनिज नीति को व्यावहारिक बनाने के लिए सकारात्मक सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनिज नीति में व्यावहारिक बिन्दुओं का समावेश करने के लिए खनन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद कायम कर सुझाव प्राप्त किए जा रहे है। सोमवार को खनिज भवन में निदेशक खनिज के.बी. पाण्डया से राजस्थान स्माल माइंस चेजा पत्थर लीज होल्डर एसोसियेशन और राजस्थान स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुलाकत कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नई एम सैण्ड नीति जारी करने, ईआरसीसी व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने, ड्रोन या सेटलाइट इमेज के माध्यम से खनन गतिविधियों का आकलन व असेसमेंट कर रवन्ना संग्रहण, विभाग की ऑनलाईन सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही सर्वर को लेकर आने वाली समस्याआें के समाधान का सुझाव दिए हैं। उन्होंने रॉयल्टी दरों को युक्तिसंगत बनाने, रवन्ना, टीपी, स्टि्रप लैण्ड आदि से संबंधित बिन्दुओं पर भी सुझाव दिया। निदेशक माइन्स ने सुझावों का परीक्षण कराने का विश्वास दिलाया। इस अवसर पर जयपुर संभाग एसएमई महेश माथुर व अनिल भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मण्डल में राजस्थान स्टोर क्रेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन शर्मा, राजस्थान स्मॉल माइंस चेजा पत्थर लीज होल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश कटारा, सुन्दर लाल सैनी व नीरज शर्मा ने ज्ञापन सौंपा और विस्तार से सुझाव दिए।