सिरोही में अवैध गांजे की खेती का भंडाफोड़, 2,950 किलो से अधिक गांजे के पौधे बरामद
रोहिड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार; पांच अलग-अलग मामले दर्ज

सिरोही। जिले में अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रोहिड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध गांजे की खेती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वालोरिया के पगारा फली क्षेत्र में मक्का और सौंफ की फसल की आड़ में उगाए जा रहे गांजे के पौधे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान कुल 2,950.84 किलोग्राम वजन के गांजे के हरे पौधे जब्त किए गए तथा चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय सिंह राठौड़ के आदेशानुसार अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार के निर्देशन तथा पिण्डवाड़ा वृत्ताधिकारी राहुल मीणा के निकट सुपरविजन में रोहिड़ा थानाधिकारी ओमकरण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।
सूचना के अनुसार वालोरिया के पगारा फली क्षेत्र में मक्का और सौंफ की फसल की आड़ में काफी मात्रा में गांजे की खेती की जा रही थी। अलग-अलग खेत और खातेदार होने के कारण रोहिड़ा, स्वरूपगंज, पिण्डवाड़ा और आबूरोड सदर थाना पुलिस की टीमों ने समन्वय के साथ अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।
चार आरोपी गिरफ्तार, जांच शुरू
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- होसियाराम पुत्र लाडूराम, उम्र 25 वर्ष।
- जेपुराम पुत्र मीनाराम, उम्र 32 वर्ष।
- लसमाराम पुत्र रायचंद, उम्र 37 वर्ष।
- अनिल कुमार पुत्र जोवनाराम उर्फ सकाराम, उम्र 23 वर्ष।
सभी आरोपी पगारा फली, वालोरिया क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों से संबंधित धाराओं में पांच प्रकरण दर्ज कर गांजे की खेती के संबंध में विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।
संयुक्त पुलिस टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में रोहिड़ा थानाधिकारी ओमकरण के साथ सहायक उपनिरीक्षक छैल सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रमेश कुमार, हेड कांस्टेबल बखतराम तथा कांस्टेबल बजरंगलाल, रामलाल, गंगाराम, पुष्पेंद्र सिंह, कृष्णपाल सिंह और प्रियाश सहित पुलिसकर्मियों ने भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। मामले में आरोपियों से पूछताछ कर खेती से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा रहा है।