साढ़े तीन साल में साढ़े सात करोड़ लोगों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प
- नशामुक्ति अभियान में रिकॉर्ड प्रतिज्ञा कराने पर इंडिया स्टार वर्ल्ड रिकॉर्ड और लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दी मान्यता

आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मेडिकल विंग द्वारा संचालित नशामुक्त भारत अभियान के तहत देशभर में साढ़े तीन साल में साढ़े सात करोड़ लोगों को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प कराया गया है। इस उपलब्धि के लिए इंडिया स्टार वर्ल्ड रिकॉर्ड और लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने अभियान को वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान की है।ऐसा श्रद्धा का उत्सव, श्रद्धा का सैलाब पहली बार देखा-
इस दौरान पंजाब राजपुरा से पधारे, 50 हजार से अधिक किमी की पैदल यात्रा कर चुके डॉ. अरविंद मुनि महाराज ने कहा कि मैंने जीवन में पहली शांतिवन में ऐसा श्रद्धा का उत्सव, श्रद्धा का सैलाब पहली बार देखा। परमात्म मिलन में मैंने अनुभूति की कि जैसे बाबा मुझसे कह रहे हैं कि इस परमात्म संदेश को आगे बढ़ाने में आपको भूमिका निभानी है। आज से 11 साल पहले दादी जानकी जी की प्रेरणा से मैं ब्रह्माकुमारीज़ में आया। प्रभु मिलन के लिए मैंने जीवन में दो ही बार उत्सव देखे हैं। एक जैन परंपरा में पर्युषण पर्व में सब प्रभु मिलन में डूब जाते हैं, दूसरा यहां ब्रह्माकुमारीज़ में देखा। जहां हजारों लोग प्रभु मिलन के लिए पूरे डूब जाते हैं।
नशामुक्ति पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है-
महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था का कार्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सामाजिक वातावरण को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर व्यक्ति अपनी कमजोरियों पर विजय प्राप्त कर सकता है। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी सेवाधारियों से अपील की कि वे जन-जन तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाकर स्वस्थ और संस्कारवान समाज के निर्माण में योगदान दें।
निरंतर सहयोग आवश्यक है-
मेडिकल विंग के उपाध्यक्ष डॉ. प्रताप मिड्ढा ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करता है। नशामुक्ति के लिए जागरूकता, सही मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग आवश्यक है। मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसी लाल ने कहा कि साढ़े सात करोड़ लोगों तक नशामुक्ति का संकल्प पहुंचना सामूहिक सेवा और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को प्रतिज्ञा कराना नहीं, बल्कि उनके जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। संचालन बीके अनीता दीदी ने किया।