जोधपुर (ग्रामीण) की राजस्व सीमाओं में निषेधाज्ञा लागू

जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया आदेश

जोधपुर। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट जोधपुर (ग्रामीण) हिमांशु गुप्ता ने आदेश जारी कर विधानसभा आम चुनाव 2023 के शांतिपूर्वक, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए दण्ड संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जोधपुर (ग्रामीण) (पुलिस आयुक्तालय क्षेत्राधिकार को छोड़कर) की राजस्व सीमाओं के भीतर निषेधाज्ञा लागू की है।

निषेधाज्ञा आदेश के तहत जिला जोधपुर (ग्रामीण) (पुलिस आयुक्तालय क्षेत्राधिकार को छोड़कर) की राजस्व सीमाओं के भीतर सम्पूर्ण क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, जैसे- रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, एम.एल. गन, बी.एल. गन आदि एवं अन्य हथियार जैसे गण्डासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनख (शेर-पंजा) जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हो आदि तथा विधि द्वारा प्रतिबंधित हथियार और मोटे घातक हथियार लाठी के आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर न तो घूमेगा न ही प्रदर्शन करेगा और न ही साथ लेकर चलेगा। लेकिन यह आदेश ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा तथा सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। 

यह आदेश शस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण के लिए आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाना में जमा कराने के लिए ले जाने पर लागू नहीं होगा। साथ ही दिव्यांग, वृद्ध एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते है। लाठी / बैसाखी का उपयोग चलने में सहारा लेने के लिए कर सकेंगें। साथ ही यह आदेश राष्ट्रीय रायफल एसोसियेशन के वह सदस्य जो प्रतियोगिता की तैयारी एवं भाग लेने जा रहे है, उन पर लागू नहीं होगा। 

आदेश के तहत जिला जोधपुर (ग्रामीण) (पुलिस आयुक्तालय क्षेत्राधिकार को छोड़कर) के बाहर का कोई भी व्यक्ति जोधपुर ग्रामीण की सीमा में उपरोक्त तरह के हथियारों को अपने साथ नहीं लायेगा, ना ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग या प्रदर्शन करेगा, कोई भी व्यक्ति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी / उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कोई भी जुलूस, सभा, धरना भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा एवं न ही संबंधित रिटर्निंग अधिकारी / उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग किया जायेगा।

आदेश में कहा गया है कि  ध्वनि प्रसारण यंत्र के लिए अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रसारण यंत्र के उपयोग के लिए दी जा सकेगी। ऐसे आयोजनों में कोई इस प्रकार कृत्य नहीं करेगा जिससे यातायात व्यवस्था एवं जन शांति विक्षुब्ध हो। यह प्रतिबंध बारात एवं शवयात्रा पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक सदभावना को ठेस पहुंचाने तथा उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगायेगा, न ही एवं कोई भाषण और उद्बोधन देगा, न ही ऐसे किसी पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या न ही छपवायेगा, न ही वितरण करेगा या न ही करवायेगा और न ही किसी एम्प्लीफायर, रेडियो, टेपरिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा, ऐसे कृत्यों के लिए न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा।

आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक, ट्विटर/एक्स, व्हाट्सअप, यूट्यूब, आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम स्वीकृति के किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर किसी तरह का नारा लेखन या प्रति-चित्रण नहीं करेगा, ना ही करवायेगा और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाएगा और न ही सार्वजनिक संपत्तियों का विरूपण करेगा / करवायेगा। किसी भी निजी संपत्ति का उक्त प्रयोजनार्थ उपयोग उसके स्वामी की लिखित पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।

आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करवायेगा अथवा न ही मदिरा सेवन हेतु दुष्प्रेरित करेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग के लिए सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नही करेगा और न ही इस के लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा। सूखा दिवस पर मंदिरा-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति चुनाव प्रचार या प्रसार के लिए वाहनों से यातायात बाधित नहीं करेगा / ना ही करवायेगा। संबंधित रिटर्निंग अधिकारी / उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति ध्वनि प्रसारण यंत्र लगे किसी भी प्रकार के वाहन का प्रयोग नहीं करेगा / न ही करवायेगा। कोई भी व्यक्ति / राजनैतिक दल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करेगा तथा कोई भी व्यक्ति / राजनैतिक दल द्वारा किसी भी मंदिरों, मस्जिदों, गुरूद्वारों, गिरिजाघरों या अन्य धार्मिक स्थानों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जावेगा।

 आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति मतदान दिवस के दिन मतदान केन्द्र से एवं मतगणना दिवस पर मतगणना केन्द्र से दो सौ मीटर की परिधि के अंदर किसी भी तरह के मोबाईल फोन, सेल फोन वायरलेस का उपयोग नहीं करेगा। यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों / कार्मिकों, पुलिस अधिकारियों / कार्मिकों एवं सक्षम स्वीकृति प्राप्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। मतदान के दिवस मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वहां से वापस लाने पर पूर्णतः रोक रहेगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135-ग के प्रावधानों के क्रम में 21 नवम्बर, 2023 को मध्यरात्रि से तत्काल लागू होकर 23 नवम्बर, 2023 को मतदान समाप्ति तक सम्पूर्ण जिले में पुनर्मतदान की स्थिति में पुनर्मतदान की घोषणा से पुनर्मतदान की तिथि को पुनर्मतदान की समाप्ति तक संबंधित मतदान केन्द्र / केन्द्रों के क्षेत्रों में एवं मतगणना दिवस 3 दिसंबर, 2023 को संपूर्ण जिले में सूखा दिवस प्रभावशील रहेगा। इस आदेश के प्रभावी रहने तक विजय जुलूस पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा।

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह निषेधाज्ञा आदेश 9 अक्टूबर, 2023 को तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा तथा इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डित करवाया जावेगा। 

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