प्राइवेट बस ऑपरेटरों की हड़ताल स्थगित
नहीं होंगे लाखों यात्री परेशान: वार्ता के बाद कुछ बिंदुओं पर बनी सहमति
वार्ता में 15 मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला किया
जयपुर। राजस्थान में आज रात 12 बजे से होने वाली प्राइवेट बस ऑपरेटरों की हड़ताल स्थगित हो गई है। परिवहन आयुक्त और शासन सचिव से हुई तीन दौर की वार्ता में 15 मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। ऑपरेटरों के इस निर्णय से यात्रियों को आज रात 12 बजे से यात्रा में होने वाली परेशानी भी टल गई।
दरअसल बसों पर लगने वाला टैक्स आधा करने, परमिट अवधि बढ़ाने, ग्रामीण रूट्स पर टैक्स फ्री करने समेत कई मांगों को लेकर ये ऑपरेटर पिछले कुछ दिनों से सरकार और प्रशासन को ज्ञापन दे रहे थे। मांगे नहीं मानने पर ऑपरेटरों ने आज रात 12 बजे से हड़ताल पर जाने का निर्णय किया था। अगर ये हड़ताल होती तो प्रदेशभर में करीब 30 हजार प्राइवेट बसें जो अलग-अलग रूटों पर संचालित होती है वह रूक जाती। बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का कहना था कि अगर बसों का संचालन बंद हाेता है तो इससे प्रदेशभर में 10 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित होते है।
आज ट्रांसपोर्ट की तीन दौर की वार्ता हुई। पहले दौर की वार्ता परिवहन भवन में परिवहन के अधिकारियों संग हुई। इसके बाद दो दौर की वार्ता सचिवालय में परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार संग हुई। तीसरे दौर की वार्ता में कुछ बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन राजस्थान के पदाधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया।
इन मांगों पर बनी सहमति
- आगामी चुनावों में बसों का उपयोग लेने पर सरकार या प्रशासन को बसों का भुगतान रीट पेपर के समान किया जाएगा।
- लोक परिवहन सेवा की बसों का आयु कंडीशन 8 साल के बजाए 9 साल की जाएगी। जबकि ऑपरेटर बसों का आयु कंडीशन ऑल इंडिया परमिट की बसों के समान 12 वर्ष करने की मांग कर रहे थे।
- बस व्यवसाय को उद्योग का दर्जा दिलाने के संबंध में नीतिगत निर्णय करके प्रस्ताव वित्त विभाग में भेजा जाएगा।
- बस अड्डा प्राधिकरण लागू होने पर हर तहसील स्तर पर प्राइवेट बसों का स्टेण्ड बने इसके लिए स्थानीय निकायों से संपर्क करके भूमि चिह्नित करने का काम करने के लिए स्थानीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।
- बजट में किए गए 2500 परमिट जारी करने की घोषणा को लागू कर दिया है इसके आदेश जारी किए गए।