वसुंधरा राजे बीजेपी के बड़े पैनलों से बाहर

मजबूरी या किसी रणनीति का हिस्सा?

चुनावी मौसम में कैसे साधे जाएंगे समीकरण

जयपुर/ जोधपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव से लगभग चार महीने पहले, भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को दो प्रमुख चुनाव पैनलों- घोषणा पत्र और चुनाव प्रबंधन समितियों की घोषणा की। इन पैनलों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को शामिल नहीं किया गया। वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को 25 सदस्यीय संकल्प पत्र/ घोषणा पत्र समिति का संयोजक नॉमिनेट किया गया है।

पूर्व सांसद नारायण पंचारिया को चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है, जिसमें 21 सदस्य हैं। इस लिस्ट में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़, और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया समेत कई अन्य नाम शामिल हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी चेहरा भाजपा के सत्ता में आने की स्थिति में राजे के साथ सीएम पद के दावेदार बनने की स्थिति में नहीं हैं। बीजेपी के इन पैनलों की घोषणा के बाद, वसुंधरा राजे को उनमें शामिल नहीं किए जाने के कारण सोशल मीडिया पर ट्रेंड करना शुरू हो गया।

बीजेपी ने बताया यह कारण : भाजपा सूत्रों ने दावा किया कि घोषणापत्र का ड्राफ्ट तैयार करने में विशेषज्ञ शामिल हैं और इसलिए केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मेघवाल इसके लिए सबसे उपयुक्त हैं। घोषणा पत्र समिति में सह-संयोजक के तौर पर राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी, किरोड़ी लाल मीणा और पूर्व उपसभापति राव राजेंद्र सिंह शामिल हैं।
इन पैनलों से वसुंधरा राजे का नाम गायब होने के बारे में पूछे जाने पर, भाजपा के राजस्थान प्रभारी और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि वह शायद अपने कद के कारण इसके लिए उपयुक्त नहीं थीं और इसके बजाय वह चुनाव में प्रचार करेंगी। एक अन्य भाजपा नेता ने कहा कि इन पैनलों की घोषणा राज्य पार्टी अध्यक्ष सीपी जोशी ने की है, न कि केंद्रीय पार्टी नेतृत्व ने। नेता ने दावा किया कि निर्धारित कार्यों को पूरा करने के लिए कुछ नामों के अलावा, कुछ अन्य नाम मुख्य रूप से उन्हें समायोजित करने या जातिगत समीकरणों को संतुलित करने के लिए शामिल किए गए हैं।

बड़ा अभियान चलाएंगी वसुंधरा राजे : अरुण सिंह ने कहा, “चुनाव प्रबंधन समिति का रोजमर्रा का काम होता है और उसे पार्टी कार्यालय में बैठना होता है, इसमें कई अनुभवी लोग हैं। इसमें वसुंधरा राजे की भी भूमिका है, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। वह पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, दो बार मुख्यमंत्री रहीं और उनकी बड़ी भूमिका है। वो ज़बरदस्त प्रचार करेंगी और एक बड़ा अभियान चलाएंगी, हम सभी उनका सम्मान करते हैं।”

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