“एनईपी 2020” से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समावेशन और आधुनिकीकरण के नए युग की शुरुआत
एनईपी 2020 के तीन साल पूरे होने पर आईआईटी जोधपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित
जोधपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता को आईआईटी जोधपुर के निदेशक शांतनु चौधरी, एम्स के कार्यकारी निदेशक माधबानन्द कर, निफ्ट के निदेशक डॉ.जी.एच.एस. प्रसाद और इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजय वर्धन आचार्य ने संबोधित किया।
आईआईटी जोधपुर निदेशक प्रोफेसर शांतनु चौधरी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तीसरी वर्षगांठ के जश्न के साथ, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई 2023 को आईटीपीओ, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन करेंगे। शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम, भारत के शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न नवीन पहल शुरू करने के लिए एक मंच बनने का वादा करता है।
प्रोफेसर चौधरी ने भारत के शिक्षा परिदृश्य को आकार देने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इस नीति से हमारे छात्रों और शिक्षकों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करते हुए शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, समावेशिता और आधुनिकीकरण के नए युग की शुरुआत की है।”
उन्होंने कहा, “इस नीति का सबसे महत्वपूर्ण लाभ सभी विषयों में कौशल के एकीकरण पर जोर देना है। शैक्षणिक विषयों के बीच पारंपरिक बाधाओं को तोड़कर, एनईपी 2020 ने बहु-विषयक शिक्षा के युग की शुरुआत की है, जो छात्रों की सहज जिज्ञासा को पोषित करता है और शिक्षा के लिए समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। यह एकीकरण हमारे युवा दिमागों को विविध दृष्टिकोणों का पता लगाने, गंभीर रूप से सोचने और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने के लिए सशक्त बनाता है, जिससे उन्हें भविष्य की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके। एनईपी 2020 का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र छात्र की उच्च शिक्षा तक पहुंच हो, बाधाओं को तोड़ना और समावेशिता को बढ़ावा देना। उच्च शिक्षा संस्थानों की क्षमता का विस्तार करके, एनईपी 2020 बड़ी संख्या में छात्रों को समायोजित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करने का प्रयास करता है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रोफेसर शांतनु चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विकसित पाठ्यक्रम छात्रों को अत्यधिक लचीले ढांचे में बहु-विषयक और समग्र शिक्षा के अवसर प्रदान करता है जैसा कि परिकल्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रम में, सभी कार्यक्रमों में छात्र भौतिकी, गणित और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अलावा सॉफ्ट स्किल्स, सामुदायिक आउटरीच पर पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे। संस्थान छात्रों को उद्योग के सहयोग से व्यावसायिक कौशल विकसित करने में भी सक्षम बनाता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ माधबानन्द कर वर्चुअली माध्यम से जुड़े और बताया कि एम्स भी एनईपी के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। एनईपी 2020 के द्वारा अनुसंधान और प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा विशेष सहयोग दिया जा रहा है। एनईपी 2020 के माध्यम से एम्स और आईआईटी जोधपुर द्वारा एक संयुक्त कार्यक्रम मेडटेक कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमे एम्स के चिकित्सक और आईआईटी के इंजीनियर मिलकर हेल्थ केयर में किए जा रहे नवाचार को इंजीनियरिंग द्वारा विभिन्न प्रयोग करके सहायता प्रदान की जा रही है। एम्स द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। जो भविष्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। एम्स द्वारा आपातकालीन स्थितियों के लिए नए नवाचार किये जा रहा है।
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ जी एच एस प्रसाद ने बताया कि संस्थान द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं उनके अंतर्गत हस्तशिल्पियों के लिए विभिन प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। एनईपी 2020 से छात्रों के कैरियर विकास में बदलाव होगा। संस्थान भी इसके क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एनईपी से संस्थान के विभिन्न विषयों के संचालन को महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अजय वर्धन आचार्य ने बताया कि एनईपी 2020 को क्रियान्वित करने में क्षेत्रीय केंद्र द्वारा एनईपी पीडीपी कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों के 15 लाख प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कैरियर विकास कार्यक्रम द्वारा लक्ष 6 से 12 के विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा में दक्ष किया जा रहा है। कौशल विकास के तहत 2032 तक रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से क्षेत्रीय रोजगार सेल के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इस अवसर पर जोधपुर के विभिन्न संस्थानों राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान के एस. आर. सिंह, राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पीके प्रजापत सहित केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स, केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ सहित विभिन्न संस्थानों ने भाग लिया। इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय के मीडिया एवं संचार अधिकारी आशीष वर्मा ने स्वागत व धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सहायक कुलसचिव (जनसंपर्क) सुश्री प्रीतिंदर कौर भी मौजूद रहीं।