गुरु मैया का प्रण था कि मूर्तियों की प्रतिष्ठा होगी तभी गेहूं, चावल, दूध ग्रहण करूगी : गुरु मैया चंदन प्रभा

  • चंदन पार्श्व पद्मावती धाम में भगवान पार्श्वनाथ की 108 मूर्ति की हुई प्राण प्रतिष्ठा

जोधपुर। तनावड़ा स्थित 109 चंदन पार्श्व पद्मावती धाम पर 108 भगवान पार्श्वनाथ की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा बड़े हर्ष और उल्लास के साथ की गई आकर्षक रोशनी से सजी इस भव्य मंदिर में देशभर से हजारों जैन समाज के बंधुओं ने भाग लिया इस दौरान 108 भगवान पार्श्वनाथ की मूर्तियों को मंदिर परिसर में विराजमान किया गया।
आचार्य विश्व रतन सागर सूरी की देखरेख में मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
मंदिर का उद्घाटन हुआ चेन्नई के एक परिवार ने बोली लगाई।
आठ दिवसीय महोत्सव के दौरान इस मंदिर में कई कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें प्रथम दिन कुंभ कलश स्थापना, दूसरे दिन नवग्रह पूजन, तीसरे दिन मां पद्मावती वेदिका पूजन, चौथे दिन देवलोग से प्रभु चव्यवन पूजन पांचवें दिन देवताओं का अभिषेक, छठे दिन कलश तथा ध्वज पूजन, सातवें दिन वरघोड़ा निकाला गया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन भगवान पार्श्वनाथ को विराजित करने के साथ देवी -देवताओं की मंगल प्राण प्रतिष्ठा का तोरण बांधा गया।
एक करोड़ की लागत से बने वाराणसी पंडाल में देश विदेश से आए 109 परिवारों का आचार्य विश्व रत्न सागर सूरी ने बहूमान मन किया।
पिछले कई वर्षों से इस्लाम की गादीपति गुरु मैया चंदन परिवार ने यह प्रण लिया था कि जब तक इस मंदिर में मां पद्मावती तथा भगवान पार्श्वनाथ की 10 8 मूर्तियां विराजित नहीं हो जाती तब तक वह गेहूं, चावल ,दूध तीनों वस्तुओ का उपयोग नहीं करेगी। उन्होंने इन तीनों चीजों को त्यागने का संकल्प लिया। आज मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने पर उनकी मांगी हुई मन्नत पूरी हुई इस दौरान उनकी इच्छा पूरी होने पर हस्तीमल बाफना परिवार द्वारा गुरु मैया चंदन प्रभाकर पारणा गया ।
इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नलखेड़ा के राजेश काठेड भक्त शिरोमणि की उपाधि तथा मुंबई के भरत कोठारी और संगीतकार नरेंद्र वाणी गोधा, को तीर्थ का गौरव रत्न की उपाधि दी गई । कीर्ति सागर महाराज को प्रतिष्ठा चार्य की उपाधि दी गई ।
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ललितप्रभ सागर शिक्षा व संस्कार बनकर समाज की सेवा करने का आह्वान किया।

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