हार्टफुलनेस ध्यान और योग पद्धति जीवनदायनी : गुरु दाजी

न्यायाधीश, डॉक्टर सहित सैकड़ों ने किया योगाभ्यास

जोधपुर। हार्टफुलनेस ध्यान और योग पद्धति के विश्व गुरु कमलेश डी पटेल (दाजी) ने योग शिक्षार्थियों को ध्यान का महत्व तथा ध्यान करने का सही तरीका बताते हुए कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान तथा योग पद्धति वर्तमान समय के लिए जीवनदायिनी है। दाजी ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश, जाने-माने डॉक्टर, समाजसेवी तथा सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में कहा कि बचपन से ही बालक के मन में अनुशासन और मस्तिष्क को प्रशिक्षित करने का अभ्यास करवाना चाहिए। इसके लिए बच्चों को हार्टफुलनेस के ब्राइटर माइंड्स अभ्यास के लिए भी प्रेरित किया। केरु रोड स्थित आश्रम में मंगलवार को दो सत्रों में आयोजित हुए कार्यक्रम के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश डॉ पुष्पेंद्रसिंह भाटी, जस्टिस मनोज गर्ग, जस्टिस कुलदीप माथुर, समाजसेवी निर्मल गहलोत, डॉ. राम गोयल, डॉ. नेमीचंद, डॉ. चैनसिंह चारण, देवीचंद देवड़ा सहित शहर के गणमान्य के साथ जयपुर, कोटा, गंगानगर, नागौर, बाली और सीकर से भी आध्यात्मिक साधक उपस्थित थे।
दुनिया के 160 देशों में मौजूद
76 वर्षों से हार्टफुलनेस संस्था सहज मार्ग के नाम से जानी जाती है,संस्था के दुनिया के 160 देशों में 275 हार्टफुलनेस सेंटर्स हैं,130 देशों में इसके प्रशिक्षक हैं। भारत में 255 आश्रम हैं। वर्तमान में संस्था के प्रमुख कमलेश डी पटेल (दाजी) गुजरात से हैं और अमेरिका में एक सफल व्यापारी रहे हैं। दाजी द्वारा लिखित पुस्तक विजडम ब्रिज में पुरानी पद्धति और आधुनिक विज्ञान का समन्वय मिलता है।

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