इतिहास के पुनर्लेखन के लिए मिलकर काम करने की जरूरत : शेखावत
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में बोले केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री
जयपुर/जोधपुर। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि क्षत्रिय समाज ने अपने पुरुषार्थ और व्यक्तित्व के दम पर इतिहास रचा है। इस इतिहास को संजोये रखने के लिए इसके पुनर्लेखन की जरूरत है।
रविवार को जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में शेखावात ने कहा कि क्षत्रिय समाज ने देश के गौरवपूर्ण इतिहास के निर्माण का कार्य किया है। समाज को दीर्घकाल तक यदि प्रासंगिक बनाए रखना है तो इतिहास के पुनर्लेखन के लिए सभी को मिलकर कार्य करने की जरूरत है।
शेखावत ने संविधान में दी गई मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का समर्थन किया और कहा कि इस व्यवस्था ने देश में सबको समानता का अधिकार देने का प्रयास किया है। शेखावत ने कहा कि इस देश में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण समाज को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का काम केंद्र की मोदी सरकार ने किया, जिसके लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कार्यकारिणी समिति देशकाल-परिस्थिति के अनुसार महासभा को समाज की सहायता में अग्रणी बना रही है। प्रत्येक सदस्य संवेदना, जागरुकता और देशभक्ति की ऊर्जा से परिपूर्ण है। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र जी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी समेत अनेक ख्यात व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने गरिमा बढ़ाई। शेखावत ने बैठक में आमंत्रित करने के लिए राजा मानवेंद्र सिंह जी का हृदय से आभार जताया।
आज जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में शामिल होने का अवसर मिला।
कार्यकारिणी समिति देशकाल-परिस्थिति के अनुसार महासभा को समाज की सहायता में अग्रणी बना रही है। प्रत्येक सदस्य संवेदना, जागरूकता और देशभक्ति की ऊर्जा से परिपूर्ण है। समारोह में महामहिम राज्यपाल श्री कलराज मिश्र जी और आदरणीय पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी, पूर्व राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन सिंह,समेत अनेक ख्यात व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने गरिमा बढ़ाई। मुझे आमंत्रित करने हेतु आदरणीय राजा मानवेंद्र सिंह जी का हृदय से आभार!