सरकार अनाथ बच्चों के प्रति संवेदनशील: बेनीवाल

जोधपुर। राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने जोधपुर प्रवास के दौरान राजकीय किशोर एवं सम्प्रेक्षण गृह में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड सहित राजकीय एवं गैर राजकीय बाल गृहों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान उन्होंने बच्चों के सर्वोतम हितों को ध्यान में रखते हुए उनके समुचित संरक्षण और उन्नयन को लेकर किए जा रहे कार्यो की चर्चा की। उन्होंने गृहों में निवासरत बच्चों को कोरोना जैसी महामारी से निजात दिलाने सहित आवश्यक सावधानी बरते जाने के साथ ही बालक-बालिकाओं को उत्साहवर्धन माहौल देने की बात कही। बेनीवाल ने गैर राजकीय गृहों के अधीक्षकों से कहा कि ऐसे बच्चे जो कोविड काल में अनाथ हो गए और जिनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य परिवारजन नहीं है तो ऐसे बच्चे ध्यान में आते ही उन्हें उचित सुरक्षा व संरक्षणात्मक माहौल दिया जाये। उन्होंने अधिकारियों से कोरोना महामारी के दौरान जोधपुर जिले में अनाथ हुए बच्चों की अभी तक मिली सूचना के बारे में जानकारी ली। बेनीवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार अनाथ बच्चों के प्रति बेहद संवेदनशील है। राज्य सरकार सभी अनाथ बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का पूरा प्रयास कर रही है जिसको लेकर बाल आयोग गंभीरता से कार्य कर रहा है। आयोग भी पूरे राज्य में पैनी नजर बनाए हुए है कि अनाथ बच्चों के नाम एवं संपूर्ण जानकारी स्वराज पॉर्टल पर अपलोड हुई है या नहीं। इस दौरान किशोर गृह में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक की फाइल का अवलोकन करके पारिवारिक पुर्नवास की कार्रवाई को लेकर किए जा रहे प्रयास की जानकारी प्राप्त की।
बैठक के दौरान बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ.बीएल सारस्वत ने कहा कि कोविड से मौत होने वाले लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु के कारणों का जिक्र न होने से परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मृत्यु प्रमाण पत्र में साधारण जानकारी ही दर्ज है। अब ऐसे में यदि परिजनों को भविष्य में प्रमाण की जरूरत हुई तो उनके पास कोई भी शासकीय दस्तावेज नहीं रहेगा जिससे यह पता नहीं चलेगा कि कोरोना से मृत्यु हुई है या अन्य कारण से। इसके लिए चिकित्सा विभाग की ओर से डाटा उपलब्ध करवाने से कार्य सरल हो जाएगा। बैठक के दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ.धनपत गुजर ने समिति द्वारा कोरोना काल में बच्चों के प्रकरणों की जांच, सुनवाई एवं निपटाये गए मामलों की जानकारी देकर कहा कि असहाय बालकों के उत्थान एवं कानून में प्रदत शक्तियों के तहत उनके अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा। किशोर न्याय बोर्ड सदस्य द्वारा सम्प्रेक्षण गृह में निवासरत बालकों की नियमित दिनचर्या पर ज्यादा जोर देने बावत् सुझाव दिया गया। किशोर गृह अधीक्षक मनमीत कौर द्वारा किशोर गृह के बारे में आवासरत बालकों के बारे में जानकारी दी। बैठक के दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ.धनपतराज गुजर, सदस्य शशि वैष्णव, विक्रम सरगरा, लक्ष्मण परिहार, डॉ. सुनिला छापर, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य बबिता शर्मा, जय भाटी, राजकीय बालिका गृह अधीक्षक असमा पीरजादा, गैर राजकीय गृह नवजीवन संस्थान के अधीक्षक राजेंद्र परिहार, बाल बसेरा संस्थान के अधीक्षक दिनेश जोशी, बचपन बालिका गृह अधीक्षक भावना जोशी, संपर्क बाल विकास केंद्र अधीक्षक सौमित्रो बैनर्जी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी जानकीदास चौहान, बाल कल्याण समिति सचिव रौहल खान, कार्मिक रोहित टाक, परामर्शदाता महेश सारस्वत, मुकेश, संरक्षण अधिकारी डॉ.सरोज कुमार, आउटरीच वर्कर अर्जुनसिंह, गोविंद सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।

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