राजस्थान वक्फ बोर्ड की संपत्ति को अतिक्रमण बताना गलत: पठान
सिरोही। जावाल गांव के बस स्टैंड पर स्थित खसरा नंबर 288 292 जो राज.वक्फ एक्ट 1956 रूल 62 रेगुलेशन सरकार के बोर्ड में दर्ज है, जो जगह करीब 3 साल पुरानी है इन खसरों पर कब्रिस्तान है, जो 5 बीघा 17 बिस्वा है। इस कब्रिस्तान में करीब 225 लोग सुपुर्द ए खाक किए हुए हैं व दो पिरो की मजार पुरानी बनी हुई है, जो मौके पर यहीं स्थिति हैं, जिसका बोर्ड में दर्ज को नहीं मानने पर राजस्व रिकार्ड मोटेशन के लिए भी कार्रवाई जारी है, जबकि यह सरकार की जमीन है और वक्फ बोर्ड में दर्ज है। इस मसले को लेकर सिरोही जालौर प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया, सांसद राज्यसभा नीरज डांगी, उप मुख्य सचेतक राजस्थान सरकार रतन देवासी, सिरोही विधायक संयम लोढा, जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल के साथ सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाने पर प्रशासन की ओर से 3 सदस्य कमेटी ने भी मौके का अवलोकन एवं अलग-अलग जावाल में दोनों पक्षों के मध्य गत दिनों वार्ता कर गोपनीय रिपोर्ट बना सरकार को प्रस्तुत कर दी है, जिसमें मुस्लिम समुदाय का पक्ष मजबूती से रखा गया और सभी ऑथेंटिक कागजात एवं सबूत पेश किए गए। इससे पक्ष मजबूत हुआ सरकार के नाम से दर्ज संपत्ति का प्रस्ताव ग्राम पंचायत को नहीं है, जब 1954 से स्थिति देखनी होगी। बस स्टैंड की मांग पर हम सभी जावाल ग्रामवासियों व सरकार के साथ हैं। बस स्टैंड बनाना जमीन आवंटन एवं डीपीआर बनवाना सरकार का दायित्व है। नियम अनुसार बस स्टैंड गांव से करीब 23 किलोमीटर दूरी पर बनाने का प्रावधान है उन खसरों की ही बस स्टैंड के लिए मांग करना वाजिब नहीं है। इस मौके पर पूर्व जिला सदर सिरोही जिला मुस्लिम कमेटी फिरोज पठान ने कहा की इस संबंध में जावाल पंचायत के ग्रामवासियों ने 2 वोट देकर एक सीधा वोट सरपंच व दूसरा वार्ड मेंबर को देकर अपने अधिकार उनमें निहित कर दिए हैं। गांव वासियों की अलग सभा समझ से परे हैं। कुल 19 वार्ड हैं एवं सरपंच सहित 20 है, परंतु सरकार ने उन सभी पंचायतों को पहले पंचायत से नगर पालिका बना दी कि नगर पालिका से फिर पंचायत और वर्तमान में पुनः नगरपालिका बनाई। उन्होंने सरकार से उपरोक्त खसरों का जल्द से जल्द अमल बरामद करवाने की मांग की है।