डाईट आबुपर्वत को सिरोही जिला मुख्यालय पर स्थानांतरित करने की मांग

सिरोही (जयन्तिलाल दाणा)। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षामंत्री गोविंदसिंह डोटासरा एवं सिरोही विधायक संयम लोढा को ज्ञापन भेजकर जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान डाईट को आबुपर्वत से सिरोही जिला मुख्यालय पर स्थानान्तरित करने की मांग की। संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया कि सिरोही जिले के आबूपर्वत में 1966 से एस.टी.सी. प्रारंभ हुई। इसके बाद जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान डाईट आबू पर्वत 1989-90 से प्रारम्भ हुई। फर्स्ट फेज की डाईट जून 1991 में प्रारंभ हुई। डाईट में एस.टी.सी. कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए पिछले 30 वर्षों से कोई हॉस्टल की सुविधा नहीं हैं। केवल सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए ही हॉस्टल सुविधा उपलब्ध हैं। राज्य की एकमात्र डाईट एैसी हैं जो पर्वतीय पर्यटक स्थल पर मौजुद हैं। यहां आम जरूरत की चीजें महंगी आबु पर्वत देश विदेश में विख्यात राज्य का सर्वाधिक राजस्व आय का पर्वतीय पर्यटक स्थल हैं। यहां आम जरूरत की चीजे महंगी हैं। जिन छात्रों को एसटीसी हेतु यहॉ किराये के मकान में रूकना पडता हैं उनको हजारों में किराया ही सालाना भुगतान करना पडता हैं। किराये के मकान डाईट के आस पास सीमित होने से मनमाने किराये पर छात्रों को रूकना पड रहा हैं। डाईट में होने वाले विभिन्न तरह के सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में सुविधाओं एवं महंगाई के अभाव में शिक्षकों की उपस्थिति न्यून रहती हैं। जिससे मजबुरन शिक्षा प्रशासन को सेवारत प्रशिक्षण के स्थान को परिवर्तन कर उन्हें आबूपर्वत से अन्यत्र आयोजित करवाने पडते हैं। आठवीं एवं पांचवीं बोर्ड की अंकतालिकाओ में किसी भी प्रकार के संशोधनों के लिए डाईट आबूपर्वत जाना पडता हैं अभिभावकों एवं छात्रों के लिए समय एवं आर्थिक दृष्टि से असुविधाजनक होता है। डाईट में खेल मैदान का पूर्णतया अभाव हैं। डाईट आबूपर्वत होने से शिक्षा प्रशासन द्वारा निरन्तर मॉनिटरिंग का अभाव रहता हैं। कर्मचारियों के लिए आबूपर्वत बहुत महंगा होने से डाईट में कर्मचारियों के ज्यादातर पद कई वर्षों से खाली ही रहते हैं। जिससे एसटीसी में अध्ययनरत छात्राध्यापकों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का अभाव देखा जा सकता हैं। महंगाई के मार से मिलेगी निजात डाईट जिला मुख्यालय पर स्थित की जाए तो सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं एसटीसी छात्राध्यापकों को भी महंगाई का मार से निजात मिल सकेगी। विशाल क्षेत्रफल में स्थित डाईट आबूपर्वत प्रशिक्षण स्थल की बजाय यदि पर्यटको के ठहरने के लिये आरटीडीसी द्वारा उपयोग में लिया जाए तो राज्य सरकार को सालाना करोडो में आय भी हो सकती हैं साथ ही आबूपर्वत पर पर्यटकों को भी रूकने के लिये सरकारी आवास सही रेट में उपलब्ध हो सकता हैं। कई वर्षों से विभिन्न संगठनों की मांग के बावजूद आज तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया हैं। गहलोत ने आशा व्यक्त की हैं कि सिरोही के विधायक संयम लोढा ने आबूपर्वत के एसडीएम एवं डीएसपी कार्यालयों के आबूरोड स्थानान्तरित करने की विधानसभा में उठाई गई मांग आमजन के हित में तार्किक एवं तर्क संगत मांग पर धन्यवाद ज्ञापित किया। इनका कहना संगठन को आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास हैं कि वर्षों से लम्बित मांग डाईट को जिला मुख्यालय पर स्थांतरित करवाने बाबत् अवश्य कार्यवाही करेंगे।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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