किराए पर लेकर खेत जोत सकते है
सिरोही (जयन्तिलाल दाणा)। मोहब्बत नगर में सहकारी समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि खेत जोतने हेतु किसानों को ट्रेक्टर किराए पर देने के लिए सहकारी समितियों को राज्य सरकार ने ट्रेक्टर उपलब्ध करवाए, जिससे अब किसान प्रति घंटा समिति से ट्रैक्टर किराए पर लेकर खेत जोत सकते है। लोढ़ा ने कहा कि आप सभी गांववासी मिलकर प्रति घंटा ट्रैक्टर का किराया तय करके इसका उपयोग कर सकते हो। ट्रैक्टर खरीद में सोसायटी को राज्य सरकार द्वारा 8 लाख की सहायता राशि उपलब्ध करवाई है एवं हर वर्ष सरकार द्वारा 10 ट्रेक्टर उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिसका सीधा फायदा काश्तकारों को मिलेगा।
काले कानून वापिस लेने की मांग
विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश का विधुतीकरण, बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और आज बैंक के दरवाजे आमजन के लिए खुले हुए है। देश में हरित क्रांति लाकर खाधान्न भंडार भरे। पंडित जवाहरलाल नेहरु ने आदेश जारी जमीनों का मालिक बनाया, हमें अपना हक दिलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपति की सरकार है। पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी सरकार काले कानून लाई है। आज लाखों किसान सड़कों पर बैठकर जो संघर्ष कर रहे है वो हमारे और आपके बच्चो के भविष्य के लिए कर रहे है और जो कालाबाजरी हमारे सामने आने वाली है उससे हमको बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसान केंद्र की मोदी सरकार से काले कानून वापस लेने की मांग कर है, अगर मोदी सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। लोढ़ा ने कहा कि मनमोहन सरकार में बने स्वामीनाथन की रिपोर्ट तो केन्द्र सरकार ने स्वीकार कर ली, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य का फॉर्मूला स्वामीनाथन ने बनाया था वो नही माना। अगर आज हम सजग नहीं हुए तो हम सब कुछ खो देंगे।
पीएम ने किया था वादा, नहीं हुआ कर्जा माफ
लोढ़ा ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में तीन कानून पारित किए, जिसमें प्रोविजन किया कि जिस काश्तकार की जमीन 12 बीघा से कम है और यदि वो लोन नहीं चुका सकता है तो उसकी जमीन नीलाम नहीं की जाए, न्यूनतम समर्थन मूल्य से माल नहीं खरीदो यदि माल की खरीद की तो जेल होगी तो उस कानून को केंद्र सरकार लागू नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमारे आने वाले भविष्य के लिये हिन्दुस्तान के एक एक बच्चे को इस तीनो काले कानूनो के खिलाफ एकजुट होना पड़ेगा। कांग्रेस सरकार ने अपना वादा पूरा करते हुवे 20 हजार करोड़ का कर्जा किसानों का माफ किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में वादा किया था कि किसानों के कर्जा माफ करेंगे, लेकिन आज तक किसानों का कर्जा माफ नहीं किया।