टिड्डी हमले से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया
जोधपुर। टिड्डी चेतावनी संगठन के तत्वावधान में दो दिवसीय टिड्डी नियंत्रण प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया है। यूएनओ के कृषि एवं खाद्य संगठन दक्षिण पश्चिमी एशिया आयोग द्वारा प्रायोजित कार्यशाला में टिड्डी से निपटने और नियंत्रण करने के तरीके बताए गए। इस समय टिड्डी का प्रकोप उत्तरी-पूर्वी अफ्रीका में अधिक है। मार्च-अप्रेल में इसके भारत आने की आशंका है। टिड्डी चेतावनी संगठन के सहायक निदेशक डॉ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कार्यशाला में 40 स्थानों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला में फरीदाबाद से टिड्डी नियंत्रण प्रभारी डॉ एन सत्यनारायण, राष्ट्रीय कार्यक्र्रम अधिकारी राजेश दुबे और वनस्पति रक्षा सलाहकार डॉ रवि प्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इटली की राजधानी रोम से टिड्डी नियंत्रण के वरिष्ठ पूर्वानुमान अधिकारी कीथ क्रीसमैन ने ऑनलाइन संबोधित कर टिड्डी की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। उप निदेशक डॉ केएल गुर्जर, डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ पंकज सालुंके, धन्ने सिंह पूनिया और चंद्रशेखर शर्मा ने व्याख्यान दिया। प्रतिभागियों को उचियारड़ा ग्राम में टिड्डी नियंत्रण के लिए इंग्लैंड से मंगाई गई माइक्रोनियर और अलवा मास्ट जैसी मशीनों की मॉक ड्रिल करके प्रशिक्षण दिया गया। टिड्डी नियंत्रण के लिए डाटा रिकॉर्डर लॉकस्ट-3 सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण हुआ।