शिक्षक की कमी को लेकर एसडीएम को साैंपा ज्ञापन
सिरोही। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिंडवाड़ा द्वारा युवा सप्ताह के तहत राजकीय महाविद्यालय पिंडवाड़ा में हिंदी साहित्य, अर्थशास्त्र एवं संस्कृत विषयों के शिक्षक की नियुक्ति को लेकर पिंडवाड़ा के एसडीएम को राजस्थान उच्च शिक्षा मंत्री, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति, जिला कलेक्टर एवं आबू पिंडवाड़ा के विधायक समाराम गरासिया के नाम ज्ञापन नगर मंत्री भरत पटेल के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में पूर्व जिला सहसंयोजक दशरथ सुभनशा ने बताया कि सत्र 2018-19 में सिरोही जिले में दो राजकीय महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ एक महाविद्यालय पिंडवाड़ा एवं दूसरी राजकीय महाविद्यालय रेवदर। राजकीय महाविद्यालय पिंडवाड़ा में कला वर्ग संचालित है, जिसमें कुल 200 सीटें आवंटित है। राजकीय महाविद्यालय पिंडवाड़ा में कुल 7 विषय संचालित है जिसमें से केवल 3 विषयों के शिक्षक उपलब्ध है। राजकीय महाविद्यालय पिंडवाड़ा में 2019 में हिंदी साहित्य एवं संस्कृत के शिक्षकों का तबादला हुआ, जिसके कारण कॉलेज को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ा। कॉलेज खुले आज तीन वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक अर्थशास्त्र के शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। इन तीन विषयों को पढ़ाने के लिए डेपुटेशन पर सिरोही कॉलेज से शिक्षकों की नियुक्ति होती थी। आज कॉलेज में कुल 600 विधाथी अध्यनरत है, जिसमें सबसे ज्यादा हिंदी साहित्य एवं अर्थशास्त्र के विद्यार्थी अध्यनरत है। 18 तारीख से कॉलेज खुल रही है अब शिक्षक नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को बिना पढ़े मायूस होकर अपने घर जाना पड़ेगा। पिंडवाड़ा कॉलेज में अधिकतर छात्र गावों से आते है जिनके पास ऐसी कोई सुख सुविधा नहीं है जिससे वे बिना शिक्षक के घर पर पढ़ाई कर सके। कॉलेज में कॉरोना काल में प्रतिदिन कॉलेज के शिक्षकों द्वारा यूट्यूब पर वीडियो अपलोड किए जा रहे है, लेकिन उन छात्रों के यह सब चीजें क्या काम की है जिनके पास कोई सुख सुविधा उपलब्ध नहीं है उनके लिए तो शिक्षक ही सबसे बड़ी सुख सुविधा है, लेकिन कॉलेज में आने के बाद उन्हें हमेशा निराशा ही हाथ लगी। अगर एक महीने के अंदर अंदर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है तो एबीवीपी पिंडवाड़ा द्वारा धरना प्रदर्शन करेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी। इस दौरान रणजीत मोरेसा, नंदीश राजपुरोहित, निर्मल भाटी, राहुल रावल, लाली मारू, महिपाल सिंह, नरेश परमार, करण कुमार, मोनिका चौहान, पायल कुमारी समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।