काजरी में नराकास की ऑनलाइन बैठक आयोजित
जोधपुर। काजरी जोधपुर में केन्द्र सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों, रक्षा, केन्द्रीय विद्यालयों अन्य विभागों में राजभाषा के प्रयोग को बढावा देने और राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए नराकास-2 की बैठक आन लाइन विडियों कान्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित हुई।
नराकास के अध्यक्ष एवं काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव ने कार्यालय प्रमुखों एवं हिन्दी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी भाषा की प्रगति हमारे देश की प्रगति से जुड़ी है। कोरोना समायावधि में सभी विभागों की नियमित बैठकों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हुआ और बहुत ही कम खर्च में प्रभावी तरीके से हुई। राजभाषा के रिक्त पदों को भरने के लिए कार्यालय प्रमुख शीघ्र कार्यवाही करें। हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा जो कार्यक्रम आयोजित होते हैं, उनका आदान प्रदान हो ताकि एक दूसरे से हम कुछ सीख पायें। गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग, दिल्ली के सहायक निदेशक नरेन्द्र सिंह मेहरा ने कहा कि सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को हिन्दी का ज्ञान होना चाहिए। राजभाषा विभाग द्वारा प्रशिक्षण की व्यवस्था है तथा पत्राचार के माध्यम से भी प्रशिक्षण ले सकते है। सभी कार्यालयों में विभागीय राजभाषा समिति होनी चाहिए। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक एवं हिन्दी अनुभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ पीसी महारणा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं पूर्व में आयोजित बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार गौड़ ने किया एवं वैज्ञानिक डा. सौरभ स्वामी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिभागी कंचन बाला, उषा सुरेश, रामेशवर सुथार डॉ. आरके खत्री, राजेश चौधरी, डॉ. हरिसिंह सिसोदिया, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. संजीव कुमार, सूर्य प्रकाश, रितेश कुमार सोनी एवं अन्य अधिकारियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए।