कोटपा एक्ट के तहत काटे चालान, दी नशे से दूर रहने की नसीहत
- नो टोबेको डे पर चिकित्सा विभाग की कार्यवाही, निरोगी राजस्थान व नशामुक्त भारत अभियान के तहत कोटपा एक्ट के तहत एक हजार से अधिक बनाए चालान
सेवा भारती समाचार।
पाली। जिले में निरोगी राजस्थान अभियान एवं नशा मुक्त भारत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से गुरूवार को जिले में दिसंबर माह के अंतिम दिन नो टोबेको डे मनाया गया। इस दौरान जिलेभर में कोटपा एक्ट के तहत कार्यवाही की गई। सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग ने माह के अंतिम तिथी 31 दिसंबर को तंबाकू निषेध दिवस पर कार्यवाही कर एक हजार से अधिक लोगों का कोटपा एक्ट के तहत चालान काटे। साथ ही वहां के आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने की नसीहत देकर जागरूक किया। इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग रहा।
सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा ने बताया कि निरोगी राजस्थान अभियान एवं नशा मुक्त भारत अभियान में राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के तहत आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा कोटपा एक्ट 2003 के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार संबंधित अभियान सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा ने निर्देशन में पाली जिले के समस्त ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने 31 दिसंबर 2020 को माह का अंतिम दिवस होने के कारण क्षेत्र के समस्त तंबाकू उत्पाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठान बंद रखने तथा कोटपा अधिनियम के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते हुए पाए जाने वाले लोगों पर चालान बनाए। साथ ही जो तंबाकू उत्पाद विक्रेता दुकान खोल कर बैठे हैं उनकी गहनता से जांच की गई तथा यह सुनिश्चित किया गया दुकानदार बीड़ी-सिगरेट खुली नहीं बेचे, बंद पैकेट ही बेचे। कार्यवाही के दौरान यह भी देखा गया कि प्रत्येक दुकान पर कोटपा के साइन बोर्ड लगे हुए हा,े किसी भी दुकान पर किसी बच्चे को तंबाकू उत्पाद का क्रय विक्रय ना हो, यदि इस नियम की अवहेलना पाई जाती है तो तंबाकू उत्पाद विक्रेता का भी चालान बनावे। इसको टीमों ने गंभीरता से लिया। इस मौके पर सीएमएचओ डाॅ.आरपी मिर्धा ने दुकानदारों से आव्हान किया कि वे कोटपा एक्ट के नियमों का पालन करें तथा खुली बीड़ी-सिगरेट नहीं बेचें। इस अभियान के तहत पाली में चिकित्सा विभाग ने जिले में गठित टीमों द्वारा कोटपा एक्ट 2003 के तहत एक हजार से अधिक चालान काटे गए, जिनमें धारा-4 में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वाले लोगों के चालान बनाए गए तथा धारा-5 व 6 में दूकानों पर तम्बाकू सूचना का बोर्ड प्रदर्शन नहीं करने पर दुकानदारों के चालान बनाये गए। इस अभियान के दौरान लोगों की काउंसलिंग कर नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही जिले भर में तंबाकू संबंधित बोर्ड हटाए गए। साथ ही दुकानों पर फूड लाइसेंस के बारे में भी जानकारी ली गई। कार्यवाही के दौरान किराणा व पान की दुकानों के काउटर पर लगे हुए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रदर्शन करने वाले तंबाकू विज्ञापन बोर्ड, स्टीकर्स को मौके पर हटवाया गया। साथ ही इन दुकानदारों को भविष्य में इस तरह के बोर्ड व स्टीकर्स नहीं लगाने की नसीहत दी गई।