अग्रसेन जयंती पर धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, प्रतिभाओं का सम्मान

सोजत। अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत रविवार को शहर में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। माहेश्वरी समाज भवन में महाराजा अग्रसेन और कुलदेवी महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। वहीं, सेवा गतिविधियों के तहत राजकीय चिकित्सालय और सोजत सेवा मंडल में मरीजों एवं जरूरतमंदों को फल-मिष्ठान वितरित किए गए।

पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ
महोत्सव के तहत माहेश्वरी समाज भवन में महाराजा अग्रसेन और कुलदेवी महालक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया गया। समाज के लोगों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर कार्यक्रमों में भाग लिया। आयोजन के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों, सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान एकल नृत्य, मोमबत्ती और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक रंग बिखेरा, वहीं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में विभिन्न वेशभूषाओं के माध्यम से आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों को अपनी कला, रचनात्मकता और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान
अग्रसेन जयंती महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का उद्देश्य प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करना और उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा। इस पहल के माध्यम से समाज में प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनकी उपलब्धियों को पहचान देने का संदेश दिया गया।
अस्पताल में फल-मिष्ठान वितरित कर दिया सेवा का संदेश
महोत्सव के तहत सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए राजकीय चिकित्सालय और सोजत सेवा मंडल में सेवा गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां मरीजों एवं जरूरतमंदों को फल और मिष्ठान वितरित किए गए। इस दौरान जरूरतमंदों के साथ सहयोग और सेवा की भावना को प्राथमिकता दी गई। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सेवा गतिविधियों को जोड़कर महोत्सव को सामाजिक सहभागिता से भी जोड़ा गया।