आईआईटी जोधपुर और मसाई के बीच भविष्य उन्मुख टेक्नोलॉजी एवं मैनेजमेंट डिग्री कार्यक्रमों हेतु साझेदारी

बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी एवं एमबीए टेक्नोलॉजी कार्यक्रम डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तकनीक, प्रबंधन और मानव-केंद्रित शिक्षा के समन्वय को देंगे नई दिशा

जोधपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुरनेमसाई स्कूलके साथ एक रणनीतिक सहयोग स्थापित किया है, जिसके अंतर्गत दो नए अंतःविषयक डिग्री कार्यक्रम —बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजीतथाएमबीए टेक्नोलॉजी — प्रारम्भ किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और कार्यरत पेशेवरों को तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी-आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।

यह साझेदारी उन चुनिंदा उदाहरणों में से एक है, जहाँ किसी आईआईटी ने एक निजी परिणाम-आधारित शिक्षा मंच के साथ मिलकर डिग्री कार्यक्रमों की सह-प्रस्तुति की है। यह पहल आईआईटी जोधपुर की उच्च गुणवत्ता, अंतःविषयक, उद्योग-संगत और भविष्य उन्मुख शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।

इन नए कार्यक्रमों को तकनीकी दक्षता, प्रबंधन विशेषज्ञता तथा मानवीय एवं सामाजिक दृष्टिकोण को एकीकृत शैक्षणिक ढाँचे में समाहित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वास्तविक जीवन में उपयोगिता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और रोजगारोन्मुखता पर विशेष बल देते हुए यह पहल उच्च शिक्षा को उद्योग और समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्परिभाषित करने का प्रयास करती है।

बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजीकार्यक्रम कक्षा 12वीं के बाद सभी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है, जिससे गैर-विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी आईआईटी से संबद्ध डिग्री प्राप्त करना संभव होगा। कार्यक्रम में प्रवेश एक क्वालिफायर टेस्ट के माध्यम से होगा। 141 क्रेडिट वाले इस पाठ्यक्रम में आठ सेमेस्टर शामिल होंगे, जिनमें तकनीक, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान का संतुलित समावेश रहेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप, इस कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय वर्ष के बाद एग्जिट विकल्प भी उपलब्ध होंगे, जिससे विद्यार्थी प्रत्येक चरण पर प्रमाण-पत्र प्राप्त कर अपनी आकांक्षाओं और करियर लक्ष्यों के अनुसार कार्यक्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे।

दूसरी ओर, एमबीए टेक्नोलॉजीकार्यक्रम विभिन्न उद्योगों में कार्यरत पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है, जो तकनीक-आधारित व्यावसायिक परिवेश की समझ को सुदृढ़ करना तथा नेतृत्व एवं रणनीतिक निर्णय क्षमता को विकसित करना चाहते हैं। 66-क्रेडिट वाले इस कार्यक्रम में कार्य-एकीकृत परियोजना के साथ-साथ रणनीतिक प्रबंधन, डिजिटल एंटरप्राइज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियाँ तथा उत्पाद-केंद्रित शिक्षण को शामिल किया गया है।

इन कार्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों को आईआईटी जोधपुर के कैंपस इमर्शन, क्लबों, उत्सवों तथा पुस्तकालय सुविधाओं तक पहुँच प्राप्त होगी, जिससे उन्हें संस्थान के जीवंत शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव मिलेगा। कार्यक्रम पूर्ण करने पर विद्यार्थियों को आईआईटी जोधपुर की डिग्री प्रदान की जाएगी तथा उन्हें आईआईटी जोधपुर के पूर्व छात्र (Alumni) के रूप में मान्यता दी जाएगी।

कार्यक्रमों के शुभारम्भ और इस साझेदारी पर बोलते हुएप्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी जोधपुर ने कहा:

“आईआईटी जोधपुर में हमारा हमेशा यह विश्वास रहा है कि सबसे सार्थक शिक्षा वही है जो विद्यार्थियों को केवल करियर के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया की जटिलताओं के लिए तैयार करे। ये नए कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो शैक्षणिक कठोरता को वास्तविक जीवन की उपयोगिता के साथ जोड़ते हैं। तकनीक, प्रबंधन तथा मानवीय एवं सामाजिक दृष्टिकोण को एक समेकित शिक्षण अनुभव में शामिल कर हम यह पुनर्परिभाषित कर रहे हैं कि आईआईटी द्वारा संचालित डिग्री कैसी हो सकती है — ऐसी डिग्री जो विचारों में कठोर, वास्तविक दुनिया के लिए प्रासंगिक तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता और शिक्षार्थियों की सफलता के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हो।”

डॉ. अनुज पाल कपूर, एसोसिएट डीन, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, आईआईटी जोधपुर ने कहा:

“आज के समय में नेतृत्व केवल कार्यात्मक विशेषज्ञता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जटिल परिस्थितियों को समझने, विभिन्न विषयों को जोड़ने और तेजी से बदलती दुनिया में प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता की मांग करता है। इन कार्यक्रमों को इसी दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी प्रारंभिक स्तर पर यह आधार तैयार करता है, जबकि एमबीए टेक्नोलॉजी प्रतिभागियों के करियर ही नहीं, बल्कि उनके सोचने और नेतृत्व करने के तरीके को भी रूपांतरित करता है।”

डॉ. दीपक कुमार सक्सेना, प्रमुख, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, आईआईटी जोधपुर ने कहा:

“प्रबंधन शिक्षा केवल सिद्धांतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह स्वतंत्र सोच, निर्णायक कार्यशैली और सार्थक प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता का निर्माण करे। ये कार्यक्रम प्रबंधन की गहनता और तकनीकी प्रासंगिकता को एक साथ लाते हैं, जिससे ऐसे स्नातक तैयार होंगे जो केवल रोजगार योग्य ही नहीं, बल्कि विभिन्न संगठनों और उद्योगों में मूल्य सृजन करने में सक्षम होंगे।”

प्रतीक शुक्ला, सह-संस्थापक एवं सीईओ, मसाई ने कहा:

“किसी भी पृष्ठभूमि का विद्यार्थी जो तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, उसे केवल इसलिए पीछे नहीं रहना चाहिए क्योंकि उसने स्कूल में विज्ञान वर्ग नहीं चुना। साथ ही, जब किसी उम्मीदवार के पास तकनीकी और प्रबंधन दोनों प्रकार के कौशल होते हैं, तो उसकी रोजगार क्षमता स्वतः बढ़ जाती है। यही वे पहलू हैं जिन्हें हम इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से संबोधित करना चाहते थे। आईआईटी जोधपुर के साथ इस सहयोग के माध्यम से हम ऐसे प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक विश्वसनीय मार्ग तैयार कर रहे हैं, जो अपने कौशल विकसित करना चाहता है, देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक से डिग्री प्राप्त करना चाहता है और आत्मविश्वास के साथ कार्यक्षेत्र में प्रवेश करना चाहता है।”

यह सहयोग आईआईटी जोधपुर की उस व्यापक दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है, जिसके अंतर्गत संस्थान अंतःविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने, अकादमिक-उद्योग सहयोग को सुदृढ़ करने तथा ऐसे परिवर्तनकारी शिक्षण अवसर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो विद्यार्थियों और पेशेवरों को तकनीक-प्रधान भविष्य में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार करें।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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