प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के गुर बताए

जोधपुर। अखेराजोत विकास समिति द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शन सेमिनार तीन विभिन्न सत्रों में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रूप सिंह द्वारा राजपुरोहित वीर अखेराज की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। उद्घाटन सत्र में सचिव भीम सिंह ने विद्यार्थियों अभिभावकों एवं अतिथियों का स्वागत किया तथा मनोविज्ञान के विशेषज्ञ डॉ अभय सिंह ने विषय परिचय से अवगत कराया। सत्र की अध्यक्षता एडवोकेट सत्यनारायण भेंसैर ने की। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता जबर सिंह ने की तथा सत्र के मुख्य वक्ता आरएएस में तेरहवीं रैंक पर चयनित एवं वर्तमान में सहकारिता विभाग की सहायक रजिस्ट्रार पूनम चोयल थी। पूनम ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के प्रत्येक चरण को समझाते हुए अपने सामान्य परिवेश, साक्षात्कार में पूछे गए प्रश्नों आदि पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि तैयारी इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।
कार्यक्रम का तीसरा सत्र प्रेरणा सत्र था जिसकी अध्यक्षता सहायक अभियंता नरपत सिंह भावंडा ने की। प्रेरक वक्ता जेएनवीयू अंग्रेजी विभाग के डॉ हितेंद्र गोयल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में एक कलाकार छिपा रहता है, उसे पहचान कर निखारने की जरूरत होती है। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए जेएनवीयू भूगोल विभाग के सहायक आचार्य गोविंद सिंह राजपुरोहित ने कहा कि असफलता हमें यह सिखाती है कि किन तरीकों से सफलता नहीं मिलती है। समिति के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस सेमिनार में सम्मिलित सभी साठ प्रतिभागियों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए विशेषज्ञों से अलग-अलग सत्रों में अपनी जिज्ञासा रखी जिसे विशेषज्ञों ने विभिन्न उदाहरणों से शांत किया तथा अंत में सभी विद्यार्थीयों को नोट्स एवं शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया। समिति के उपाध्यक्ष श्याम सिंह खीचन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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