संभागीय आयुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली
जोधपुर। सम्भागीय आयुक्त डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि अवैध खनन को रोकने के विरूद्ध लगातार कार्यवाही कर इसके रोकथाम के सार्थक प्रयास किए जाए। सम्भागीय आयुक्त अपने कक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
सम्भागीय आयुक्त ने कहा कि जहां कही अवैध खनन की जानकारी मिले तुरन्त इसके लिए कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सेण्डस्टोन अवैध खनन क्षेत्र में जेडीए परिधी में अवैध खनन रिको के निकटवर्ती क्वारी लाइसेंस, खानों से मलबा डालकर खनन मिलो को भरवाया जाए। उन्होंने कहा कि खनन माफिया के विरूद्ध थानो में एफआरआई दर्ज करवायी जावे, इसके लिए पुलिस विभाग के साथ समन्वय रखते हुए सहयोग लेकर कार्यवाही करे। बॉर्डर होमगार्ड का भी उपयोग लेवे। लगातार चैकिंग की कार्यवाही जारी रखे। कार्यवाही अवैध खनन से नदी नालों में प्रयुक्त रास्ते जो उन तक पहुंचने के होते है उनको जेसीबी से कटवाया जाकर नदी, नालो को संरक्षित करने का कार्य करें। समय समय पर जिला व उपखण्ड स्तर पर पुलिस से सहयोग लेकर कार्यवाही करे। जहां कही आरएसी व बॉर्डर होमगार्ड की आवश्यकता हो उनका भी सहयोग लेकर कार्यवाही करे। सम्भागीय आयुक्त ने वितीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 में अवैध खनन रोकथाम के लिए की गई कार्यवाही की जानकारी ली।
सम्भागीय आयुक्त ने बैठक में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अधिनियम (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत देय राहत राशि के लम्बित प्रकरणों का समय पर निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी स्तर पर अनावश्यक देरी नही की जाए। पीडित व्यक्ति को समय पर राहत देवे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समय पर एफआईआर दर्ज हो व समय पर चालान हो ताकि अनुदान राशि दोनों स्तर पर समय पर मिल सके। सम्भागीय आयुक्त ने बैठक में पालनहार योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पालनहार योजना का समय पर लाभ मिले इसके लिए समय पर योजना से जोडा जाए। उन्होने विशेष योग्यजन पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, सिलिकोसिस पेंशन की जानकारी ली।
सम्भागीय आयुक्त ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कोरोना महामारी से पीडित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है, इसमें जिला कलक्टर द्वारा प्रमाणन के आधार पर कोरोना बीमारी से मृत्यु होने पर अनाथ बालक, बालिका, विधवा महिला व उनके बच्चे सहायता के पात्र होगें। उन्होने कहा कि इसमें पात्र व्यक्तियों की समय पर स्वीकृतियां जारी कराकर राहत प्रदान करें।
सम्भागीय आयुक्त ने बैठक में अभय कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेन्टर के माध्यम से सुरक्षा व निगरानी के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी ली। अब तक शहर में विभिन्न क्षेत्र में लगाये गये कैमरो के बारे में जानकारी ली व जहॉ पोल लगे व कैमरे नही लगे वहां कैमरे लगाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त निदेशक सूचना प्रौधोगिकी एवं संचार एसएल भाटी को निर्देश दिए की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पूरी सजगता से निगरानी रखी जावे व इसके तहत असामाजिक तत्वों द्वारा फैलायी जा रही अफवाहों पर निगरानी रखकर रोकने की समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करवायी जाए। उन्होने ई मित्र संचालन की भी जानकारी ली व कहा कि किसी ई मित्र केन्द्र द्वारा निर्धारित दरे से अधिक नही वसूली जावे, इस पर पूरा ध्यान रखा जावे। ऐसा पाये जाने पर कार्यवाही की जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हजारीराम चौहान ने बताया कि अवैध खनन मामालों मेे खनन विभाग को समय समय पर आवश्यकता होने पर सहयोग किया जाता है। खनन विभाग के साथ समन्वय से कार्य किया जा रहा है। उन्होने बताया कि दर्ज प्रकरणों में समय पर एफआरआई दर्ज कर कार्यवाही की जाती है। पुलिस द्वारा भी अवैध खनन के विरूद्ध कार्यवाही होती है। अतिरिक्त निदेशक सूचना प्रौधोगिकी व संचार एस एल भाटी ने बैठक में बताया कि शहर में स्थापित कैमरो के साथ रूटो में विभाजित करके तीन पारियों में संचालित किया जा रहा है। जिसमें 7 पुलिस कार्मिकों द्वारा निरन्तर 24 घंटे निगरानी रखी जाती है। कोई अंवाछित घटना होने पर घटना के सम्बध में सम्बधित थाना पुलिस को, नजदीकी चेतक या मोबाईल वेन को मौके पर जाने के लिए फीडबैक लिया जाता है। उन्होने बताया कि शहर में 632 कैमरा विभिन्न स्थलों पर पोल पर लगे है। उन्होने बताया कि पाली में 111, जालोर में 128, बाडमेर में 92, जैसलमेर में 168 व सिरोही में 115 कैमरे लगे है। उन्होने बताया कि संभाग में 2772 ई मित्र केन्द्र संचालित है।
खनन विभाग के अधीक्षण अभियंता खनन इंजिनियर धर्मेन्द्र लोहरा ने बताया कि वर्ष 2020-22 में संभाग में 226 केस हुए 4 एफआईआर दर्ज हुए व 168.68 लाख की पैनल्टी वसूली गई। उन्होने बताया कि वर्ष 2021-22 में 340 केस हुए, 12 एफआरआई दर्ज हुई व 268.0़6 लाख की पैनल्टी वसूली गई। उन्होने बताया कि बजरी खनन के वर्ष 2020-21 में 154 केस हुए जिनमें 4 एफआईआर दर्ज हुई व 104.99 लाख की पैनल्टी वसुली गई व वर्ष 2021-22 में 216 केस हुए, 9 एफआईआर दर्ज हुई व 164.96 लाख की राशि की पैनल्टी वसुली गई।
उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अनिल व्यास ने बताया कि मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना में 165 व्यक्तियो के प्रकरण प्राप्त हुए है। इनकी पात्रता की जांच करके शीघ्र स्वीकृतयां जारी कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन का कार्य 7 प्रतिशत हो गया है। उन्होने बताया कि विधवा महिलाओं को पालनहार योजना में 6100 को जोडा गया है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श गा्रम योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए साठे तीन करोड की स्वीकृतियां जारी की गई है। उन्होने बताया कि डीएलओ स्तर पर कोई एफआरआई व चालान पेडिंग नही है। बैठक में सयुक्त निदेशक संाख्यिकी एल एन बैरवा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।