कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर तैयारियों पर चर्चा की
जोधपुर। संभागीय आयुक्त डॉ. राजेश शर्मा ने कोरोना की संभावित तीसरी वेव की तैयारियों व विशेषकर बच्चों के प्रभावित होने की संभावना को लेकर किए जाने वाले प्रबंधों के लिए मेडिकल कॅालेज के प्राचार्य, तीनों अस्पतालों के अधीक्षक व चार वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त अरूण पुरोहित व जेएनवीयू कुल सचिव चंचल वर्मा भी उपस्थित थे।
संभागीय आयुक्त ने बैठक में कहा कि संभावित तीसरी वेव को देखते हुए सभी स्तर पर पुख्ता तैयारियंा व प्रबंधन किया जाए। उन्होंने कहा कि तीसरी वेव में 18 वर्ष तक के बच्चों के भी प्रभावित होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है, इसको देखते हुए बच्चों के उपचार व आवश्यक दवाईयों व अस्पतालों में बेड व्यवस्थाएं पुख्ता करने के समय पर प्रबंध कर लिए जाए।
संभागीय आयुक्त ने बैठक में कहा कि आगामी 12 जुलाई को संभाग स्तरीय वर्चुअल ट्रेनिंग का आयोजन किया जाए। इसमें शिशु रोग विशेषज्ञ व अन्य विशेषज्ञ महत्वपूर्ण जानकारियंा देवें। इसमें संभाग के चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ भी जुड़े ताकि उन्हें तीसरी लहर के बारे में समय पर बेहतर जानकारियंा व मेडिसन के बारे में बताया जा सकें। प्राचार्य मेडिकल कॅालेज इसका एक प्रोसिजन तैयार करलें। संभागीय आयुक्त ने बैठक में कहा कि तीसरी वेव में काम आने वाली दवाईयों, इंजेक्शन आदि के बारे में डिमाण्ड समय पर तैयार कर भिजवाए ताकि समय पर इसकी उपलब्धता हो सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों से संबंधित दवाईयों व इंजेक्शन की डिमाण्ड भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि अन्य कोई भी उपकरण की आवश्यकता हो तो इसमें बताये। उन्होंने बताया कि सभी अधीक्षक अपनी डिमाण्ड प्राचार्य को दे देवें ताकि समय पर सरकार को भेजा जा सके व व्यवस्था हो सकें।
संभागीय आयुक्त ने तीसरी वेव के संबंध में चिकित्सा इकाइयों में वार्ड व्यवस्था व बेड व्यवस्था के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि बेड व्यवस्था, बच्चों के लिए वार्ड व बेड व्यवस्था की पूरी व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करली जाए।
प्राचार्य डॉ. एसएस राठौड़ ने बैठक में एमजीएच में संभावित तीसरी वेव को ध्यान में रखते हुए न्यू ओपीडी ब्लॅाक में 250 बेड आरक्षित किए गए है। इनमें 180 बेड सामान्य व 70 आई सी यू बैड है। उन्होंने बताया कि रोगियों की संख्या बढने पर एमजीएच पुराने भवन में भी वार्ड आरक्षित किए जायेंगे जिसमें 437 अॅाक्सीजन बेड व 28 आईसीयू बेड होंगे। उन्होंने बताया कि कुल 715 बेड होंगे जिसमें 98 आईसीयू व अन्य अॅाक्सीजन बेड सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एमडीएम में 420 बेड मातृ व शिशु विंग में है व 60 बेड एनआईसीयू बेड के वर्क अॅार्डर जारी कर दिए गए है। उन्होंने बताया कि 150 पी आईसीयू बेड स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा है जो शीघ्र स्वीकृत हो जायेगा। उन्होंने बताया कि ट्रोमा अस्पताल अगस्त तक शुरू हो जायेगा जिसमें 120 बेड अॅाक्सीजन व 30 ट्रोमा आई सी यू बेड व्यवस्था होगी।
बैठक में विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर डॉ. जेसी सोनी, डॉ.सुरेश वर्मा, डॉ. मोहन मकवाना, डॉ. प्रमोद शर्मा ने भी तीसरी वेव में संभावित बचाव, बच्चों पर प्रभाव, मेडिसन के बारे में जानकारी दी। अधीक्षक एमजीएच डॉ. राजश्री बेहरा, अधीक्षक उम्मेद अस्पताल डॉ. रंजना देसाई, उप अधीक्षक एमडीएम डॉ. पीके खत्री ने अपने अपने अस्पतालों के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। बैठक में संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. जोगेश्वर प्रसाद गर्ग ने भी संभाग में तैयारियों के बारे में जानकारी दी।