नजर नहीं नजरिये को बदले: संत ललितप्रभ

जोधपुर। संत ललितप्रभ सागर ने कहा कि दुनिया में अच्छाइयां भी हैं और बुराइयां भी। आपको वही नजर आएगा जैसा आपका नजरिया है। अच्छी दुनिया को देखने के लिए नजारों को नहीं, नजरिये को बदलिए। केवल अच्छे लोगों की तलाश मत करते रहिए, खुद अच्छे बन जाइए। आपसे मिलकर शायद किसी की तलाश पूरी हो जाए।
संत ललितप्रभ यहां कायलाना रोड स्थित सम्बोधि धाम में आयोजित साधना सत्संग कार्यक्रम के अंतर्गत साधकों को साधना के पश्चात अपना विशिष्ट मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गलती जिंदगी का एक पेज है, पर रिश्ते जिंदगी की किताब। जरूरत पडऩे पर गलती का पेज फाडिय़े, एक पेज के लिए पूरी किताब पढऩे की भूल मत कीजिए। पैर में मोच और दिमाग में छोटी सोच आदमी को कभी आगे नहीं बढऩे देती। कदम हमेशा संभल कर रखिए और सोच हमेशा ऊंची रखिए। उन्होंने कहा कि एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती, पर एक मिनट में सोच कर लिया गया फैसला पूरी जिंदगी बदल देता है। जीवन में आगे बढऩे के लिए आत्मविश्वास जगाइए। खाली बोरी कभी खड़ी नहीं रह सकती और तकिए से कभी कील ठोकी नहीं जा सकती। याद रखिए पूरी दुनिया में इंसान ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जो उठना चाहे तो देवता से भी ऊपर उठ सकता है और गिरना चाहे तो जानवर से भी नीचे गिर सकता है। हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर है। मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने हाथों का उपयोग हाथ पर हाथ रखने के लिए करते हैं, वह हमेशा खाली हाथ ही बैठे रहते हैं। भाग्य की रेखाएं चमकाने के लिए लक्ष्य के साथ मेहनत कीजिए, आप पाएंगे आपकी किस्मत केवल चार कदम दूर ही थी। भाग्य को हरा भरा रखने के लिए सदा सत्कर्म का पानी डालते रहिए। आखिर हरी घास तभी तक हरी रहेगी, जब तक उसे पानी मिलता रहेगा।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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