जैन संतों का संबोधि धाम में मंगल प्रवेश
जोधपुर। संत ललितप्रभ सागर महाराज और डॉ. मुनि शांतिप्रिय सागर महाराज का कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम में धूमधाम के साथ मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर संत चंद्रप्रभ ने कहा कि रोज अपने आप से यह जरूर बोलें कि मैं पवित्र आत्मा हूं, मैं सबको सुख देता हूं, मैं दूसरों को वे जैसे भी है स्वीकार करता हूं, परमात्मा मेरे साथ है, मैं अपने हर दिन को ऊर्जा, उमंग और उत्साह के साथ जीता हूं, मैं खुश हूं और सबको खुशियां देता हूं। अगर हमने इन छह लाइनों को 1 महीने तक लगातार बोल कर अपने अवचेतन मन में मैनेज कर लिया तो 31 वें दिन हमारा कायाकल्प हो जाएगा।
इस अवसर पर संत ललितप्रभ ने कहा कि लाइफ को परफेक्ट बनाने के लिए पॉजिटिव, पावरफुल व पीसफुल माइंड के मालिक बनें। जिंदगी मात्र दो बातों पर चलती है मान लो तो हार है और ठान लो तो जीत है। उन्होंने कहा कि बचपन में पढ़ाई करेंगे तो जवानी सुख से बीतेगी, जवानी में कमाई करेंगे तो बुढ़ापा सुख से बीतेगा और बुढ़ापे में पुण्याई करेंगे तो परलोक सुखमय बन जाएगा। इस अवसर पर मुनि शांतिप्रिय सागर ने श्रद्धालुओं को वर्ष भर की सुख, शांति समृद्धि के लिए महा मांगलिक श्रवण करवाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, अध्यक्ष सुखराज मेहता, ओसवाल सिंह सभा के केएन भंडारी, उम्मेदमल गांधी, अशोक पारख, गणपत सालेचा, सुरेश राठी, प्रवीण मेहता, सुशीला बोहरा, दिलीप जैन जयपुर ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर प्रवीण निशा मेहता परिवार द्वारा सभी श्रद्धालुओं को नववर्ष की डायरी प्रभावना स्वरूप भेंट की गई।