जैसलमेर जिले में रंग ला रहे हैं अभिनव प्रयास,

  • नवाचारों ने बदली सूरत, आकर्षण जगा रहे हैं आँगनवाड़ी केन्द्र,
  • तस्वीर बदलने के साथ ही नौनिहालों की तकदीर सँवारने के अनथक प्रयास जारी

सेवा भारती समाचार।

जैसलमेर।नई पीढ़ी के स्वर्णिम भविष्य को आकार देने के लिए मरुस्थलीय जैसलमेर जिले मेंं महिला अधिकारिता विभाग की ओर से बच्चों के विकास के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के साथ ही बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और विकास में नवाचारों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है ताकि बच्चों की रुचि बढ़े और वे सरकारी योजनाओं से सम्बल और प्रोत्साहन पाकर अपना बचपन सँवारते हुए अच्छे नागरिक के रूप में अपने आपको ढाल सकें।

दूर से नज़र आता है मनमोहक स्वरूप

इसी के अन्तर्गत विभाग ने जिले के आँगनवाड़ी केन्द्रों को मनमोही सुन्दर स्वरूप दिए जाने की पहल की है और इससे आँगनवाड़ियों का रंग-रूप और कलेवर सुनहरे रंगों से सजा है। इस अभिनव नवाचार को भामाशाह के रूप में ओएनजीसी के माध्यम से मूत्र्त रूप प्रदान किया गया है। इसमें प्रथम चरण में जैसलमेर जिले के 40 आँगनवाड़ी केन्द्रों का रंग-रूप निखारने का सुन्दर व उल्लेखनीय काम किया गया है।

इसके अन्तर्गत आँगनवाड़ी केन्द्रों की बाहरी और भीतरी दीवारों पर ओएनजीसी के माध्यम से बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए बहुरंगी चित्रों माध्यम से दीवारों को सजाया गया है।

खेल व मनोरंजन के साथ शिक्षा-दीक्षा

इसमें बच्चों के लिए रुचिकर चित्रों को इस तरह आकार दिया गया है कि इनके जरिये बच्चे खेल-खेल में ही पूरी सहजता एवं सरलता के साथ वर्णमाला, पहचान के लिए चित्र, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का लोगो व संदेश समझ सकें।

 इसके साथ ही पोषण के बारे में जानकारी, कार्टून, पोषण अभियान आदि महत्वपूर्ण संदेशों और बिन्दुओं का भी समावेश किया गया है। ये आँगनवाड़ी केन्द्र व इनका परिवेश दूर से ही मनमोहक एवं आकर्षक स्वरूप में दिखने और बच्चों के मन को भाने लगा है।

20 स्मार्ट आँगनवाड़ी केन्द्र विकसित

जिले में इनमें से 20 आँगनवाड़ी केन्द्रों को स्मार्ट आँगनवाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। इनमें टीवी तथा वाई-फाई कैमरा भी लगाए गए हैं। इन सभी नवाचारों की बदौलत आँगनवाड़ी केन्द्रों का आकर्षण दूर से ही नज़र आने लगा है।

इसी प्रकार आँगनवाड़ी केन्द्रों के प्रबन्धन और संचालन को भी सुदृढ़ किया गया है और इस कारण एक और जहाँ इन आँगनवाड़ी केन्द्रों में लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है वहीं आँगनवाड़ी केन्द्रों की सेवाओं, सभी प्रकार की सुविधाओं और परिवेशीय नवाचारों का सुकून भी पसरने लगा है।  जैसलमेर जिले में इस तरह का यह पहला नवाचार हर किसी को मोहित करने लगा है।

बेहतर परिणाम सामने आए

महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक श्री अशोक गोयल बताते हैं कि इन नवीन प्रयोगों की वजह से विभागीय उद्देश्यों को पूरा करने तथा लक्ष्यों की प्राप्ति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इन आँगनवाड़ी केन्द्रों पर किशोरी बालिकाओं के समूह बनाकर सखी सहेली के माध्यम से उनके पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से पुनः जोड़ने की दिशा में भी भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।

वे बताते हैं कि विभागीय योजनाओं और गतिविधियों से अधिकाधिक बच्चों और महिलाओं को लाभान्वित करने की दिशा में आगामी समय में कई नवीन प्रयोगों को हाथ में लिया जाएगा।

हरसंभव अभिनव प्रयासों का सूत्रपात होगा

जिला कलकटर आशीष मोदी के अनुसार सीमावर्ती जैसलमेर जिले मेंं बच्चों और महिलाओं के सर्वांगीण विकास तथा उत्थान की योजनाओं से जरूरतमन्दों को जोड़ने और लाभान्वित करने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयासों में जुटा हुआ है तथा इसके लिए बहुआयामी व्यापक कार्ययोजना के अनुरूप रचनात्मक गतिविधियों तथा नवाचारों के माध्यम से अभिनव प्रयोगों का सूत्रपात किया जाएगा।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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