संभागीय आयुक्त ने वीसी से ली अधिकारियों की बैठक
सेवा भारती समाचार।
जोधपुर।संभागीय आयुक्त डॉ समित शर्मा ने राजीव गांधी सेवा केंद्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जोधपुर संभाग के सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। जोधपुर संभाग के समस्त जिलों के उप निदेशक, सहायक निदेशक, ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं के संबंध में विडियो कॉन्फ्रेंस से बातचीत की। संभागीय आयुक्त द्वारा बताया गया कि समाज कल्याण विभाग प्रारम्भिक काल में अनुसूचित जाति,जनजाति एंव वृद्धो के कल्याण के लिए कार्य करता था। साथ ही साथ संविधान के भाग 3 और 4 में उल्लेखित विशेष प्रावधानों के तहत कमजोर एंव वंचित वर्गो के कल्याण एंव उत्थान के लिए कार्य करता था। कालांतर में समाज कल्याण विभाग महिला कल्याण, बाल कल्याण एंव गरीब से गरीब व्यक्तियो के अधिकार के संबंध में कार्य करने लगा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य इन सभी वर्गो को न्याय दिलवाकर उनके अधिकारो की रक्षा करना है इसलिए वर्तमान में इस विभाग का नाम परिवर्तित करके सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग कर दिया गया है। विभाग द्वारा लगभग 55 योजनाएं प्रत्यक्ष रूप से संचालित की जा रही है जिनकी प्रगति की जानकारी ली व विभिन्न योजनाओ पर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। संभागीय आयुक्त ने वीसी में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए उपखण्ड स्तर पर उपखण्ड अधिकारी एंव पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारियो से व्यक्तिगत सम्पर्क कर अविलम्ब संबंधितो के बैकं खाते में बकाया राशि जमा कराने के लिए पाबन्द किया। उन्होंने संभाग के समस्त जिला अधिकारी/सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि रिर्टन पेंशन के लंबित प्रकरणो का निस्तारण 1 माह में करना सुनिश्चित करे।उन्होंने पालनहार योजनान्तर्गत पालनहार योजना के बारे में विस्तृत चर्चा की और इस योजनान्तर्गत अधिक से अधिक वंचित रहे पात्र व्यक्तियो को इस योजना से जोडऩे के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त सिलिकोसिस पीडि़तो को पेंशन एंव पालनहार योजनान्तर्गत जोडऩे के निर्देश दिए, साथ ही सिलिकोसिस पीडि़तो के वंचित बच्चो को पालनहार योजना से जोडक़र प्रगति से 1 माह में अवगत करने को कहा।
वहीं संभागीय आयुक्त डॉ समित शर्मा ने पशु चिकित्सा अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। संभागीय आयुक्त ने कहा कि पशु चिकित्सा में कार्यरत पशु चिकित्सक एवं पैरा वेटरनरी स्टाफ दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली व्यक्ति है जिन्हें मूक पशुओं की चिकित्सा करने का पुनीत कार्य मिला है। उन्होंने कहा कि संभाग के सभी पशु चिकित्सकों को उनकी योग्यता के अनुसार पशुपालकों के पशुओं को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। पशु रोग निदान तकनीकी से प्रत्येक पशु प्रजाति के बीमार पशु को बेहतर चिकित्सा प्रदान करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने पशु चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित निशुल्क पशुधन आरोग्य योजना का सर्वाधिक लाभ पशुपालकों को देने के निर्देश प्रदान किए।