कुरंजाओं के विचरण के लिए अतिरिक्त भूमि तलाशने के निर्देश

सेवा भारती समाचार।

जोधपुर। संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा ने खींचन में कुरजां संरक्षण व संवर्धन के लिए कुरंजा विचरण क्षेत्र के समीप ओर भूमि की संभानाए तलाशने के संबंध में वन व पर्यटन विभाग के अधिकारियों की अपने कक्ष में बैठक लेकर विचार विमर्श किया व इसके लिए संभावनाऐं तलाशने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने बैठक में वन व पर्यटन विभाग के अधिकारियों से विचार विमर्श करते हुए कहा कि 5 हजार किलोमीटर से उडक़र प्रवासी कुरजां खींचन आती है, इसके संरक्षण व संवर्धन के ओर बेहतर प्रयास की आवयश्यकता है ताकि इन प्रवासी पक्षियों को अच्छा व सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो कुरंजा के लिए संरक्षित क्षेत्र है, जहंा कुरजां बैठती है, इसके साथ ही आसपास की ओर भूमि संरक्षित करने की भी आवश्यकता है ताकि कुरंजा को चैन व सुकून के साथ अधिक जगह बैठने को मिल सके। उन्होंने नक्शे के अनुसार चर्चा करते हुए कहा कि और कौनसी भूमि इसके लिए संरक्षित कर सकते है। इसके बारे में मौके पर जाकर इसका प्लान बनाकर लावे, ताकि आगे और अधिक भूमि वहां आवंटित व संरक्षित की जा सके। संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों से वहां आसपास की भूमि की स्थिति पर चर्चा की व वर्चुअल एडीएम फलौदी हाकमसिंह से भी विस्तार से चर्चा की व संभावनाऐं तलाशने को कहा। संभागीय आयुक्त ने कहा कि कुरजां संरक्षण व संवर्धन के लिए 12 सौ बीघा भूमि इस क्षेत्र के समीप चिन्हित करे ताकि कुरजा के लिए संरक्षित की जा सके। उन्होंने कहा कि जहां अधिक लोगों का आना जाना नहीं हो व कुरजंा आराम से विचरण कर सकें। संभागीय आयुक्त के निर्देशानुसार वन व पर्यटन विभाग की टीम जिससे मुख्यइ वन संरक्षक एसआर वी मूर्ति, डीएफओ हनुमानाराम, सतीश कुमार व्यास व सहायक निदेशक पर्यटन डॉ सरिता फिरोदा शामिल है, खींचन जाकर मौके पर स्थित भूमि की उपलब्धता की संभावनाऐं देखकर व अतिरिक्त जिला कलक्टर फलौदी से चर्चा कर आगे का प्लान संभागीय आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे ताकि आगे इस संबंध में कार्यवाही की जा सके।
पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक डॉ फिरौदा ने बैठक में बताया कि खींचन संरक्षित क्षेत्र के विकास के लिए 94 लाख की राशि स्वीकृत हुई, इस मेंसे 30 लाख के कार्य करवाये जा चुके है इसमें प्लेटफार्म निर्माण, बर्ड साईटिग पोइन्ट, विजिटर्स रोड़, फेसिंग कार्य, प्रवेश द्वार, नाला नालियों का निर्माण कार्य करवाये गये है। इसके लिए 12 बीघा भूमि पर्यटन विभाग को आवंटित है। उन्होंने बताया कि कुरंजा कई वर्षो से खीचन में आ रही है। पर्यटक इन्हे देखने आते है। उन्होंने बताया कि यह कुरंजा सुबह टीबों पर बैठती है फिर तालाबों के आसपास जाकर बैठती है, चुगा क्षेत्र में चुगा चुगती है। बैठक में खींचन कुरजां क्षेत्र में अब तक विभिन्न विभागों द्वारा कराये कार्यो की जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य वनसंरक्षक एसआर वी मूर्ति, वन सरंक्षक हनुमानाराम, वन संरक्षक कृष्ण कुमार व्यास, सहायक वन संरक्षक फलौदी सतीश कुमार जैन, सहायक निदेशक पर्यटन, डॉ सरिता फिरोदा, आरआरआई पुष्पेन्द्र सिंह व आरओ प्रदीप शर्मा उपस्थित थे।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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