मोबाइल उठाओ…ले लो स्वच्छता की ट्रेनिंग

सेवा भारती समाचार

जोधपुर। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की सविता को सफाई पसंद है। उसके लिए खुशी की बात यह है कि गांव में अब कोई खुले में शौच को नहीं जाता। सविता चाहती है कि स्वच्छता यूं ही बनी रहे। इसमें उसकी मदद स्वच्छ भारत मिशन अकादमी कर रही है। सविता जैसे लाखों युवा आज अकादमी से नि:शुल्क प्रशिक्षण लेकर स्वच्छ भारत में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। इसी साल अगस्त में अकादमी का शुभारंभ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया था।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने स्वच्छता के लिए जन आंदोलन का रूप लेकर ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी है। पिछले साल 2 अक्टूबर को देश के सभी गांव, जिल और राज्य खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) हो गए थे। इस असाधारण सफलता को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण को इस साल की शुरुआत में लागू किया गया। यह ओडीएफ स्थिरता और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है। यह कार्यक्रम इस बात को सुनिश्चित करने की दिशा में काम रहा है कि कोई भी पीछे न छूट जाए। हर कोई शौचालय का इस्तेतमाल करे।
स्वच्छ भारत मिशन अकादमी मोबाइल आधारित पाठ्यक्रम है। आईवीआर आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में ओडीएफ-एस के साथ-साथ ठोस और तरल अपशिष्ट के तहत 60 मिनट का कोर्स शामिल है। इसमें चार अध्याय हैं। प्रत्येक में चार ऑडियो पाठ और अध्याय के अंत में एक बहु-विकल्प प्रश्नोत्तरी है। पाठ्यक्रम में सफल होने के लिए उपयोगकर्ता को 50 प्रतिशत प्रश्नों का सही उत्तर देना होता है। कोई भी व्यक्ति मोबाइल फोन से टोल फ्री नंबर 18001800404 डायल कर पाठ्य सामग्री का विवरण ले सकता है।
2 अक्टूबर 2014 के बाद से ग्रामीण इलाकों में 10,64,95480 घरेलू शौचालय बनाए गए हैं। 6,03,177 गांवों ने खुले में शौच से मुक्ति पाई है। 2,62,736 ग्राम पंचायतों ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है। देश के 706 जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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