जोधपुर के अप्रवासी भारतीय ने दी 51 लाख की सहायता
जोधपुर। दौलतवान होना बड़ी बात नहीं है ज़रूरतमंद को समय पर सहायता करना बड़ी बात है। मेरे राज्य राजस्थान में संसाधनों की कमी से कोई भी पीडि़त न हो ऐसी सोच लेकर अप्रवासी भारतीय शरद टाक ने मुख्यमंत्री राहत कोष में बड़ा दान किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आह्वान पर जोधपुर के मूलनिवासी और वर्तमान अमेरिका निवासी शरद टाक ने 51 लाख रुपये का सहयोग मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है।
जोधपुर के जाए जन्मे शरद टाक का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वह अमेरिकी उद्योग जगत में तकनीकी, संचार एवं व्यापार जगत में शीर्ष पर खड़ी वह शख्सियत है जिसे पूरा विश्व जानता है। उनका बचपन जोधपुर की गलियों में बीता। प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा जोधपुर में करने के बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आईआईटी मुंबई से एवं कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री न्यूयॉर्क से करके अपना करियर विश्व की सबसे प्रतिष्ठित अंतरिक्ष एजेंसी नासा से प्रारंभ किया। नासा में कुछ वर्ष कार्य करने के बाद शरद टाक के अंदरूनी मारवाड़ी गुण ने उन्हें स्वयं का उद्योग लगाने की प्रेरणा दी। उसके बाद जो कुछ हुआ उसने सफलता की नई इबारत लिख दी। एक के बाद एक विभिन्न क्षेत्रों में शरद टाक द्वारा शुरू की गई कंपनीज में तहलका मचा दिया। सभी क्षेत्रों में अपनी बेहतरीन प्रशासनिक क्षमता और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के चलते शरद टाक की कंपनीयां अमेरिका की सर्वाधिक चर्चित कंपनीज में शामिल हो गई।