बलशाली राष्ट्र के सपनों को युवा करेंगे साकार: मेघवाल
सिरोही रिपोर्टर जयन्तीलाल दाणा
सिरोही। ‘‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा’’। आजादी के महान क्रांति वीर यौद्धा के आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर अखिल भारतीय ’’भारत-रत्न’’ नेताजी सुभाषचन्द्र बोस राष्ट्रीय सेवा समिति मुख्यालय सिरोही के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी लुम्बाराम मेघवाल सभी देशवासियो को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के युवाओं को आजाद हिन्द फौज में फिर से जुडाव कर बलशाली राष्ट्र के सपनो को करेंगे साकार।
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 21 अक्टूबर को ‘‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा’’। आजादी के महानायक ने यह क्रांतिकारी नारा देकर न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को एक नई क्रांति के कगार पर ला खड़ा किया। जनवरी 1942 में सुभाषचन्द्र बोस ने जर्मनी में स्वतंत्र भारत की पहली बटालियन का संगठन किया। इस कार्य में रासबिहारी बोस ने आजाद हिन्द सैना का संगठन करने में अपनी बुद्धिमता का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि आजाद हिन्द् सैना की अस्थायी सरकार भी बनी और प्रतिज्ञा के स्तम्भ भी तैयार हुए जिसमें जय हिन्द-हमारा राष्ट्रीय अभिवादन, तिरंगा झण्डा जिस पर उस जमाने में चरखा अंकित है और हमारा राष्ट्रीय ध्वज था। इन्होने कहा कि विश्वास, एकता, बलिदान हमारा एक मंत्र है।
आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मेघवाल ने देश के सभी नागरिको, युवाओं, महिलाओं व समस्त भारतवासियों को बधाई देते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की कि नेताजी की आजाद हिन्द फौज की सैना को वर्तमान भारत के परिपेक्ष्य में इसे वापस जिन्दा करना होगा और हम देश के युवा पीढी को इस आजाद हिन्द फौज में फिर से जोडकर देश की एकता अखण्डता को बरकरार रखते हुए बलशाली राष्ट्र की कामना करते है।
